अस्पताल के शौचालय में नवजात को जन्म दे फरार हुई मां…

पानीपत: देश और राज्य की सरकारें स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार का चाहे जितना भी दावा कर लें, जच्चाबच्चा की ​सुरक्षा और सुरक्षित मातृत्व को लेकर सरकारी आंकड़े चाहे जो भी कहानी कहते हों लेकिन समयसमय पर देश के अलगअलग हिस्सों से ऐसी घटनायें सामने आती हैं जिससे सरकारी इंतजामात के पोल तो खुलते ही हैं साथ ही इंसानियत भी शर्मशार महसूस करता है। ऐसी ही एक घटना हरियाणा के पानीपत से सामने आई है जहां इंसानियत तो शर्मशार हो ही रहा है साथ ही मां और नवजात के बीच का रिश्ता भी बेमायने दिखाई देता है। दरअसल गुरुवार को एक महिला ने पानीपत के सरकारी अस्पताल के टॉयलेट में बच्चे को जन्म दिया और नवजात को छोड़ कर भाग गई। आसपास के लोगों को तब पता चला जब फर्श पर पड़ा बच्चा रोया। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों ने हॉस्पिटल के स्टाफ को जानकारी दी।

जानकारी मिलते ही हॉस्पिटल के स्टॉफ वहां पहुंचे तो हर कोई वहां का नजारा देख कर सन्न रह गया और हर किसी की जुबां पर एक ही बात थी कि आखिर एक मां इतनी निर्दयी कैसी हो सकती है। बच्चा फर्श पर पड़ा था और बिलख रहा था। आनन-फानन स्टाफ ने बच्चे को एडमिट कराया। अस्पताल के डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है और कहा जा रहा है कि बच्चा अब स्वस्थ है।

इस बाबत अस्पताल के एस. एम. ओ. डॉक्टर श्याम लाल ने बताया कि जिस महिला ने बच्चों को जन्म दिया, वो अस्पताल में एडमिट नहीं थी। तड़के सुबह 6:30 के करीब कोई महिला सामान्य अस्पताल के प्रथम तल पर लिफ्ट के सामने बने शौचालय में बच्चे को जन्म देकर फरार हो गई।

लोगों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो… डॉ. श्याम लाल ने बताया कि मरीजों के साथ आए लोगों ने जब बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो अस्पताल स्टाफ को सूचना दी। बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है।

हालाकि मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल में पहुंची। घटनास्थल का मुआयना किया। अस्पताल प्रबंधन से पूछताछ की। जांच अधिकारी बलवान सिंह ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जाएगी। फिलहाल अस्पताल स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए जाएंगे।

पुलिसिया पड़ताल के बाद संभव है उस महिला का पता भी चल जाये लेकिन सवाल तो यह भी उठता है कि आखिर इसमें नवजात का क्या कसूर? साथ ही अस्पताल की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं कि आखिर कैसे कोई महिला जो अस्पताल में ए​डमिट नहीं है किसी नवजात को अस्पताल में जन्म देकर वहां से रफूचक्कर हो जाती है।

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