शुभम रावत
उज्जैन: दरिंदगी और हैवानियत की एक और तस्वीर ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। महाकाल की नगरी उज्जैन में 12 साल की नाबालिग बच्ची की अर्धनग्न वीडियो ने समाज की वो तस्वीर सामने लाई है जो मानवता को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
खून से लथपथ आधे कपड़ों में उज्जैन के सांवराखेड़ी कॉलोनी में दर-दर भटकती 12 साल की बच्ची की मदद के लिए कोई भी सामने नहीं आया। नाबालिग बच्ची बेसुध हालत में ढाई घंटे तक सड़कों पर यहां से वहां भटकती रही। इस दौरान सभ्य समाज में रहने वाले वो लोग जो सोशल मीडिया पर बहन बेटियों की सुरक्षा और आबरू की रक्षा पर बड़ी बड़ी बातें करते हैं उनमें से शायद कुछ लोग भी वहां मौजूद होंगे। जो नाबालिग बच्ची के कपड़े से टपकते खून और और उसके चेहरे के दर्द, डर और शर्म को देख रहे होंगे।
सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें खून से लथपथ बच्ची सड़क पर मदद के लिए भटकती नजर आ रही है। वीडियो में एक शख्स अपने घर के बाहर खड़ा दिखाई दे रहा है जिससे बच्ची मदद की गुहार लगाती नजर आ रही है, लेकिन उस शख्स को बच्ची को इस हालत में देखकर ना तो उसपर दया आई और ना ही उसके दर्द का थोड़ा भी एहसास हुआ। शख्स ने हाथ से इशारा करते हुए नाबालिग को आगे जाने के लिए कह दिया।
दरअसल, 12 साल की इस बच्ची के साथ रेप की घटना को अंजाम दिया गया। दरिंदों ने उसके तन पर कपड़े तक नहीं छोड़े और उसे उर्धनग्न हालत में सड़क पर छोड़ दिया। पुलिस को नाबालिग सड़क पर मिली और उसे इलाज के लिए चरक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां हालत गंभीर होने के बाद उसे डॉक्टरों ने इंदौर रेफर कर दिया। हालत में सुधार नहीं होने पर पुलिसकर्मियों ने अपना खून देकर मदद भी की, लेकिन उसके प्राइवेट पार्ट्स को अधिक नुकसान पहुंचने के कारण खून बहुत बह चुका था।
मामले में उज्जैन एसपी सचिन शर्मा ने बताया कि महाकाल थाना क्षेत्र के बड़नगर रोड पर मुरलीपुरा स्थित दांडी आश्रम के पास से बच्ची घायल अवस्था में मिली थी। एसपी ने बताया कि बच्ची की बोली से लग रहा है कि वह प्रयागराज (यूपी) की रहने वाली है। जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस से भी सम्पर्क किया गया है। वहीं मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। पुलिस मामले की जांच शुरू कर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।