संतोष कुमार सिंह
नयी दिल्ली: संसद के विशेष सत्र में जबसे महिला आरक्षण विधेयक यानी (नारी शक्ति वंदन विधेयक) पेश हुआ तब से देश की नारी शक्ति में उत्साह का माहौल है, वहीं संसद में इस बिल को लेकर चर्चा जारी है। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा बिल के विषय में सदन को जानकारी देने के बाद विपक्ष की तरफ से सोनिया गांधी ने मोर्चा खोला। अपने 10 मिनट के भाषण में सोनिया गांधी ने कहा कि स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने वाला कानून सबसे पहले मेरे पति राजीव गांधी लाए थे, जो राज्यसभा में 7 वोटों से गिर गया था। बाद में पीवी नरसिम्हा राव की सरकार ने उसे पास करवाया। इसी का नतीजा है कि देशभर के स्थानीय निकायों में 15 लाख चुनी हुई महिला नेता हैं। राजीव का सपना अभी आधा ही पूरा हुआ है, यह बिल पास होने से सपना पूरा हो जाएगा।
सोनिया ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि बिल को फौरन अमल में लाया जाए। सरकार को इसे परिसीमन तक नहीं रोकना चाहिए। इससे पहले जातिगत जनगणना कराकर इस बिल में SC-ST और OBC महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जाए।
वहीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने पार्टी की तरफ से अपनी बात रखते हुए मुस्लिम महिलाओं को भी आरक्षण देने की मांग की। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने महुआ मोइत्रा का नाम लिए बगैर कहा- मुस्लिम आरक्षण मांगने वालों को मैं बताना चाहती हूं कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण वर्जित है। जिस प्रकार से विपक्ष भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है, उसमें ना फंसें।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले और समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी बिल में ओबीसी महिलाओं को आरक्षण देने की मांग की। सुप्रिया ने कहा कि सरकार बड़ा दिल करके बिल में एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था करे। सुले ने कहा कि जनगणना और परिसीमन होने तक महिला आरक्षण को लागू नहीं किया जा सकता। फिर इसके लिए स्पेशल सेशन क्यों बुलाया गया। इसे विंटर सेशन में भी पास कर सकते थे। देश के कई हिस्सों में बाढ़ आ रही है, इस समय सेशन बुलाने की क्या जरूरत है।
जबकी समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने कहा कि बिल में ओबीसी और अल्पसंख्यक महिलाओं को भी आरक्षण दिया जाना चाहिए। वहीं डीएमके सांसद एमके कनिमोझी जैसे ही बोलने के लिए खड़ी हुईं तो सत्ताधारी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर कनिमोझी और सुप्रिया सुले ने कहा कि बीजेपी के लोग महिलाओं की यही इज्जत करते हैं। फिर सदन में शांति छा गई। टीएमसी सांसद काकोली घोष ने कहा, देश में सिर्फ पश्चिम बंगाल में महिला मुख्यमंत्री है, भाजपा की 16 राज्यों में सरकार है, लेकिन एक भी राज्य में महिला मुख्यमंत्री नहीं है। वहीं काकोली ने बृजभूषण का नाम लेकर भाजपा पर कटाक्ष किया और कि देश के लिए मेडल जीतने वाली महिलाओं का सेक्सुअल हैरेसमेंट किया गया। आरोपी बृजभूषण सिंह आज संसद में बैठे हैं। भाजपा उनके खिलाफ कोई एक्शन क्यों नहीं लेती।
वहीं YSR कांग्रेस की सांसद गीता विश्वनाथ ने बोलने से पहले भारत माता की जय का नारा लगाया और सभी को हाथ जोड़कर नमस्कार किया और महिला आरक्षण विधेयक पर अपनी बात रखी।