शुभम रावत-
नई दिल्ली: भारत ने चांद पर परचम लहरा दिया।भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की कड़ी मेहनत के दम परचंद्रयान-3 मिशन सफल हो गया। बुधवार की शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चांद्र की सतह परचंद्रयान-3 लैंड हो गया।
चंद्रयान-3 ने 40 दिनों में तय किया सफर
चंद्रयान-3 ने चांद पर पहुंचने के लिए 40 दिनों तक सफर किया। 14 जुलाई, 2023 शुक्रवार को दोपहर 2:35 बजे चंद्रयान-3 ने अपना सफर शुरू किया था। इस दौरान चंद्रयान-3 का लैंडरविक्रम नेपृथ्वी से चंद्रमा तक3.84 लाख किलोमीटर का सफर तय किया।
आखिरी 17 मिनट थे अहम
चंद्रयान 3 मिशन की लैंडिंग के आखिरी 17 मिनट सबसे अहम थे। इन 17 मिनट में इस बार भारत ने जीत हासिल कर ली है। बता देंपिछले 4 साल में चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की कोशिश भारत के अलावा रूस, जापान और इजरायल भी कर चुका है। इन सभी को आखिरी पलों में नाकामी मिली, लेकिन इस बार भारत ने कामयाबी हासिल की और दक्षिणी ध्रुव पर पहुंच गया।
चांद की सतह से मिलेगी जानकारी
वैज्ञानिकों के मुताबिक, सॉफ्ट लैंडिंग के बाद रोवर और लैंडर से जो जानकारी इसरो को मिलेगी। यह जानकारी 14 दिनों तक ही होगी, क्योंकि चांद को पूरी रोशनी सिर्फ इसी दौर में मिलेगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि रोवर से मिलने वाली जानकारी बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण इसलिए मानी जाती है, क्योंकि वह चांद की सतह पर जाकर आगे बढ़ता रहता है।