शुभम रावत-
नई दिल्ली:दक्षिण अफ्रीका15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की लिए तैयार है। इसके आयोजन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी22 से 24 अगस्त तक जोहान्सबर्ग में रहेंगे।ब्रिक्स में भारत समेतब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल है। बताया जा रहा है किब्रिक्स के दरवाजे सऊदी अरब और अफ्रीकी यूनियन के लिए खोले जा सकते हैं।
इस वैश्विक शिखर सम्मेलन मेंदक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा,भारत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा औररूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोवउपस्थिति रहेंगे। वहीं ब्रिक्स सम्मेलन में इस बाररूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भाग नहीं लेंगे।
पुतिन सम्मेलन में वर्चुअली हिस्सा लेंगे।रूसी संघ का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव करेंगे।इस बैठक मेंराजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक समेत कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी।बता देंसाल2019 के बाद यह पहला मौका होगा जब इन देशों के सभी नेता एक मंच पर बैठेंगे।
69 देशों को दिया गया हैआमंत्रण
जानकारी के मुताबिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सभी अफ्रीकी देशों समेत कुल 69 देशों को आमंत्रित किया गया है। दक्षिण अफ्रीकी विदेश मंत्री नलेदी पंडोर ने बताया है कि लैटिन अमेरिका, एशिया और कैरेबियाई देशों के नेताओं को भी निमंत्रण भेजा गया है।
भारत के लिए कितनी अहम यह बैठक?
भारत ब्रिक्स को वैश्विक संतुलन, विविधता और बहुलता का एक अहम मंच मानता है। इससे पहले 2021 में पीएम मोदी ने कहा था कि समूह ने पहले डेढ़ दशक में बहुत सफलता हासिल की है। अब हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि आगामी 15 वर्षों में ब्रिक्स और उपयोगी बने।