संतोष कुमार सिंह
Bihar Prabhunath Singh: आरजेडी के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को डबल मर्डर केस में दोषी करार दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत और पटना हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने बिहार के डीजीपी और मुख्य सचिव को आदेश दिया कि पूर्व सांसद को एक सितंबर को अदालत में पेश किया जाए। एक सितंबर को पूर्व सांसद की सजा पर सुनवाई होगी।
फिलहाल, पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह दूसरे मर्डर केस में हजारीबाग जेल में सजायाफ्ता है। प्रभुनाथ सिंह महाराजगंज लोकसभा सीट से तीन बार जदयू और एक बार आरजेडी के टिकट पर सांसद रह चुके हैं। सांसद प्रभुनाथ सिंह पर साल 1995 में मसरख के एक मतदान केंद्र के पास तब 47 साल के दारोगा राय और 18 साल के राजेंद्र राय की हत्या का आरोप है।
सांसद पर आरोप था कि दोनों ने प्रभुनाथ सिंह समर्थित उम्मीदवार को वोट नहीं किया था, इसलिए दोनों की हत्या कर दी गई। मृतक के भाई द्वारा गवाहों को धमकाने की शिकायत के बाद इस केस को छपरा से पटना ट्रांसफर कर दिया गया जहां इसका ट्रायल हुआ था।
मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सबूतों के आभाव में प्रभुनाथ सिंह को बरी कर दिया था। पटना हाईकोर्ट ने साल 2012 में निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया था। इसके बाद मृतक राजेंद्र राय के भाई हरेंद्र ने दोनों फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस एएस ओक और जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए प्रभुनाथ सिंह को दोषी करार दिया। कोर्ट ने कहा कि सांसद के खिलाफ पर्याप्त सबूत है। केस के बाकी आरोपियों को रिहाई को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया।