शिमला: हिमाचल प्रदेश में इन दिनों प्रकृति ने कहर ढाया है। सामान्य से अधिक बारिश होने के कारण जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं हो रही है। इस बीच सोमवार को शिमला के कई जगहों पर भूस्खलन के कारण कई लोगों की जान चली गई। राजधानी में भूस्खलन के कारण शिव बावड़ी मंदिर ढहने की घटना के चौथे दिन यानी गुरुवार को फिर से खोज अभियान शुरू किया गया, जिसमें एक और शव बरामद किया गया है। बता दें कि इस घटना में अब तक मरने वालों की संख्या 14 हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में हुए भूस्खलन में अब तक
14 लोगों का शव बरामद किया जा चुका है। वहीं इस घटना में अभी भी 7 लोगों के लापता होने की खबर है। आज जिस व्यक्ति का शव बरामद किया गया है उसकी पहचान हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर के रूप में हुई है। बचाव कर रहे एक अधिकारी के मुताबिक, प्रोफेसर का शव आपदा स्थल से दो किमी दूर से बरामद किया गया।
अधिकारियों ने आशंका जाहिर की है कि मिट्टी के ढेर में अभी कम से कम सात लोग और फंसे हो सकते हैं।वहीं मृतकों में एक शव को छोड़कर सभी की पहचान कर ली गई और उन्हें उनके परिवार के सदस्यों को सौंप दिया गया।एक बचावकर्ता ने कहा, अब तक हमें सात लापता लोगों के बारे में जानकारी मिली है और हम उनका पता लगाने के काम में लगे हुए हैं।
रेस्क्यू कर रहे अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में एक ही परिवार के सात सदस्य शामिल हैं, जिसमें तीन बच्चे भी हैं। बताया जा रहा है कि जब ये घटना हुई उस वक्त सभी बच्चे शिव बावड़ी मंदिर के अंदर थे। तभी भूस्खलन हुआ और वे दब गए। इसके अलावा समर हिल मार्केट में एक दुकान के मालिक पवन शर्मा (60 वर्षीय), उनकी पत्नी संतोष शर्मा (57 वर्षीय), बेटा अमन शर्मा (32 वर्षीय), बहू अर्चना शर्मा (27 वर्षीय) और 12 से 1.5 साल की उम्र की तीन पोतियां भी एक हवन के लिए मंदिर में मौजूद थीं।
इस परिवार के चार सदस्यों के शव तो बरामद किए जा चुके हैं, लेकिन तीन अभी भी लापता हैं। बचावकर्ताओं के मुताबिक, उनका जिंदा रहना असंभव लग रहा है क्योंकि इस हादसे में बचने की कहीं से कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है। वहीं इस घटना पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह एक अभूतपूर्व त्रासदी है जिससे राज्य 50 साल की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है।