शुभम रावत-
नई दिल्ली: भारत इस साल अपना77वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इसकी तैयारियां जोरो पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10वीं बार लगातार लाल किले की प्राचीर सेध्वजारोहण करके राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
आजादी के जश्न में डूबा देश
भारत आजादी का जश्न मनाने की तैयारी कर रहा है।77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके परपूरा राष्ट्र देशभक्ति से लबरेज है। इस अवसर परपीएम मोदीराजघाट पर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद लाल किला पहुंचेंगे। उनका स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट और रक्षा सचिव गिरिधर अरामने करेंगे।
पीएम मोदी का 10वां संबोधन
प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। फिर वो लाल किले की प्राचीर सेध्वजारोहण करेंगे। इस दौरान वायु सेना के दो उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर मार्क-3 ध्रुव से पुष्पवर्षा की जाएगी। 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र को संबोधित करेंगे। बता दें2014 के बाद से लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से ध्वजारोहण कर रहे हैं। इस बारउनका 10वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन होगा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए देश की राजधानी दिल्लीसे लेकर जम्मू कश्मीर तक सुरक्षा के चाक चौबंद है।1000 फेस रिकग्निशन कैमरे, एंटी-ड्रोन सिस्टम और 10,000 से अधिक पुलिस लाल किले और आसपास तैनात रहेंगे। इस साल 20,000 से अधिक अधिकारी और नागरिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे। लालकिले पर ड्रोन रोधी प्रणाली लगाई गई हैं। कार्यक्रम के पूरा होने तक लाल किले के आसपास के क्षेत्रों में पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। दरअसल 2017 में प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान एक पतंग मंच के ठीक नीचे आ गिरी थी।
आजादी की वो पहली सुबह
15 अगस्त 1947 को भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने दिल्ली में लाल किले के लाहौरी गेट पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। पंडित नेहरू ने अपने पहले संबोधन में कहा था कि आज रात 12 बजे जब पूरी दुनिया सो रही होगी उस वक्त भारत एक आजाद जीवन के साथ नई शुरूआत कर रहा होगा।आजादी की पहली सुबह की शुरुआत बिस्मिल्लाह खां ने शहनाई की धुन से की थी।