चंडीगढ़:हरियाणा के नूंह जिले में 31 जुलाई को हुई हिंसा के बाद कल यानी रविवार (13 अगस्त) को पलवल में हुई हिंदू समूह की बैठक में दोबारा नूंह में जलाभिषेक यात्रा निकालने का फैसला लिया गया है। हिंदू महापंचायत में लिया गया यह फैसला राज्य सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है। हालांकि उन्होंने अभी तक मुख्यमंत्री मनोहर लाल से इसकी परमिशन नहीं ली है। वहीं सीएम ने कहा कि वे सरकार से यात्रा की अनुमति मांगेंगे, तब हम उचित कदम उठाएंगे।
दरअसल, पलवल के गांव पोंडरी में 13 अगस्त को सर्वजातीय हिंदू महापंचायत का आयोजन किया गया। स्थानीय प्रशासन द्वारा इस बैठक की अनुमति भड़काऊ भाषण नहीं देने की शर्त पर दी गई। बावजूद इसके कुछ वक्ताओं ने भड़काऊ बयानबाजी की। वहीं दोबारा नूंह में 28 अगस्त को जलाभिषेक यात्रा निकालने का फैसला लिया गया है। हालांकि इसके लिए अभी सरकार से इजाजत नहीं लिया गया है। इस मामले पर सीएम मनोहर लाल ने कहा कि वे जब सरकार से यात्रा की अनुमति मांगेंगे तब हम उचित कदम उठाएंगे। सरकार के इस बयान के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर हिंसा के बाद भी सरकार अगर दोबारा जलाभिषेक यात्रा को अनुमति देती है तो उससे क्या हासिल होगा।
बता दें कि 31 जुलाई को नूंह में ब्रजमंडल यात्रा के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई। उपद्रवियों ने सैकड़ों गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। नूंह से सुलगी हिंसा की आग देखते ही देखते पूरे प्रदेश को अपने चपेट में ले लिया। हालांकि अब हालात पूरी तरह काबू में है, लेकिन यात्रा के दौरान भड़की हिंसा के बाद से प्रदेश के हिंदू राज्य सरकार से काफी नाराज चल रहे हैं। उनका ऐसा मानना है कि नूंह में हिंदू सुरक्षित नहीं है।