नई दिल्लीःब्रजमंडल धाम जलाभिषेक यात्रा के दौरान 31जुलाई को नूंह में हुई सांप्रदायिक हिंसा में शामिल दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच की टीम ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों मुस्लिम युवकों पर यात्रा के दौरान हिंदू संगठन के लोगों पर पत्थर व गोली चलाने का आरोप है।
कट्टे से पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कर रहे थे कोशिश
पुलिस के अनुसार, नूंह थाना क्षेत्र के गांव ग्वारका के रहने वाले मुनफेद और सैकुल मामला दर्ज होने के बाद से ही अपने गांव से फरार हो गए थे। दोनों तावडू क्षेत्र से सटी अरावली पहाड़ी में छिपकर रह रहे थे। क्राइम ब्रांच तावडू के प्रभारी संदीप को जैसे ही दोनों की लोकेशन मिली, उन्होंने ड्रोन की मदद से गुरुवार को अपनी टीम के साथ उन्हें घेर लिया। पुलिस टीम को अपनी तरफ आता देख दोनों आरोपियों ने राजस्थान की तरफ भागने की कोशिश की, साथ ही भागने के दौरान मुनफेद ने 315बोर के कट्टे से गोली चलानी शुरू कर दी। इंस्पेक्टर संदीप ने खुदका बचाव करते हुए मुनफेद के पैर को निशाना बनाकर गोली चलाई। पैर में गोली लगते ही वह गिर पड़ा। इसी बीच पुलिसकर्मियों ने सैकुल को भी पकड़ लिया। मुनफेद को पुलिस निगरानी में नल्हड़ मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं, सैकुल को नूंह सदर थाना पुलिस के हवाले किया गया है। मौके से पुलिस ने कट्टा, कई कारतूस और एक बाइक बरामद की है।
अपने लोगों से बात करने के बाद तुरंत बंद कर लेते थे मोबाइल फोन
मुनफेद और सैकुल हिंसा के अगले दिन से ही अपने गांव से फरार थे। वह बार-बार अपने ठिकाने बदल रहे थे। दोनों अपने लोगों से बात करने के लिए मोबाइल ऑन करते थे फिर तुरंत बंद कर देते थे। एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की टीम कई दिनों से दोनों के पीछे लगी हुई थी। बताया जा रहा है कि मुनफेद और सैकुल का संबंध भरतपुर के पहाड़ी थाना क्षेत्र के गांव सावलेर के रहने वाले हिंसा के आरोपित सलीम, साबिर, अशफाक से है। इन आरोपियों ने पुलिस रिमांड पर कबूला है कि भरतपुर जिला के गांव घाटमिका के रहने वाले नासिर-जुनैद की हत्या का बदला लेने के लिए ग्रुप के साथ मिलकर धार्मिक यात्रा में शामिल लोगों पर हमला किया था।
हिंसा में शामिल होने के आरोप में 216लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
हिंसा के बाद 6अगस्त तक कार्रवाई कर पुलिस ने कई जिलों में 104एफआईआर दर्ज करने के साथ ही 216आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, 88और लोगों को हिरासत में लिया गया है। इन सभी से पूछताछ की जा रही है। इनके अलावा 10लोगों को सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गुरुग्राम जिले में भी हिंसा को लेकर 27एफआईआर दर्ज की गई हैं और 38लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
नूंह हिंसा के बाद हुई बुलडोजर की कार्रवाई
नूंह में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद रोहिंग्याओं की अवैध बस्तियों पर जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर लगभग 250 से ज्यादा झुग्गियों को ध्वस्त कर दिया है। पुलिस के अनुसार नूंह हिंसा में इन रोहिंग्याओं के भी शामिल होने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन की तरफ से कार्रवाई की गई थी।