Health Viral Fever: बदलते मौसम में मौसमी बीमारियां तेजी से पैर पसारना शुरू कर देती है। बरसात के कारण हुए जलजमाव के बाद डेंगू, वारयल और चिकनगुनिया बुखार तेजी से फैलता है। देश में हर दिन वायरल बुखार के केस तेजी से बढ़ रहे हैं।
मौसम के तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण हमारे शरीर की इम्यूनिटी पावर कमजोर पड़ जाती है और यह जल्दी वायरस की चपेट में आ जाता है। जिसकी वजह से हम मौसमी बीमारी का शिकार हो जाते हैं। चलिए आपको हम वायरल बुखार के लक्षण, कारण और इससे बचाव के उपाय बताने जा रहे हैं।
वायरल बुखार होने का कारण…
वायरल बुखार होने का सबसे बड़ा कारण कमजोर इम्यूनिटी है। इसके अलावा दूषित पानी एवं भोजन का सेवन या वायरल बुखार वाले मरीज के साथ रहने के कारण हो सकता है। बरसात के मौसम में हमें साफ-सुथरी जगह रहना चाहिए और हेल्दी भोजन का सेवन करना चाहिए।
वायरल बुखार के लक्षण…
पूरे शरीर में दर्द होना
थकानऔर खांसी होना
जोड़ों में दर्द रहना
दस्तऔर स्किन पर रैशेज
सर्दी लगना औरगले में दर्द होना
सिर दर्द रहना और आंखों में जलन होना
वायरल बुखार के बचाव के उपाय…
मौसम के बदलते समय और खासकर बरसात के मौसम में खानपान का खास ख्याल रखना चाहिए।
डाइट में विटामिन C औरआयरन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर फूड आइटम शामिल करने चाहिए।
इसके साथ ही खाने में उबली हुई सब्जियां खाएं और बाहर के दूषित पानी एवं भोजन से बचें।
बाहर का पानी पीने से बचें और पानी को पहले उबालकर थोड़ा गुनगुना करके पिएं।
वायरल बुखार के मरीजों के संपर्क में आने से बचें।
शरीर की इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव करें और अच्छी डाइट के साथ एक्सरसाइज भी करें।