शुभम रावत-
नूंह:नूंह हिंसा के बाद हरियाणा सरकार एक्शन मोड में आ चुकी है। पुलिस-प्रशासन ने हिंसा में शामिल आरोपियों को पकड़ने की कवायद तेज कर दी है। मेवात के एसपी ने दंगाइयों के खिलाफ सख्त रूख दिखाया है।
एसपी की दंगाईयों को चुनौती
सोमवार 31 जुलाई को नूंह में दो समुदाय के बीच हुई हिंसा के बाद मनोहर सरकार ने आरोपियों के खिलाफ सख्ती से कदम उठा लिए हैं।पुलिस-प्रशासन को सख्ती के साथ कदम एक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं।मेवात के एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि दंगाई चाहें तो थाने आ जाएं या फिर कोर्ट में सरेंडर कर दें, लेकिन अगर पुलिस को उन्हें ढूंढना पड़ा तो इसका अंजाम काफी बुरा होगा।
216 आरोपियों की गिरफ्तारी
नूंह हिंसा के बाद मनोहर सरकार का बुलडोजर अवैध कब्जों पर चल रहा है। प्रशासन ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे अवैध रूप से कब्जा व अवैध निर्माण ना करें, ऐसा करने वालों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। वहीं दूसरी ओर नूंह हिंसा में शामिल आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे डालने के लिए पुलिस भी एक्शन मोड में आ चुकी है।अब तक 216 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 83 लोग हिरासत में हैं।
आरोपियों को कान पकड़कर ले आओ
इसी बीच मेवात के बिछौर इलाके में सरपंचों के साथ मीटिंग करते हुए एसपी बिजारनिया ने दंगाइयों को खुला चैलेंज देते हुए कहा,गांव के जितने सरपंच हैं, उन सभी को पता है कि कौन-कौन लड़के उस दिन गए थे। कौन दोषी है और लड़के किस गांव से आए थे। मुझे पहेलियां बुझाना नहीं आता है। आरोपियों को कान पकड़कर ले आओ। अगर मैं अपनी मर्जी से लेकर आया तो एक को भी नहीं छोड़ने वाला, क्योंकि सबके फोटो और वीडियो मेरे पास हैं।