शुभम रावत
वाराणसी: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार कोज्ञानवापी परिसर में ASI का सर्वे शुरू हो चुका है।भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम आज सुबह से ही ज्ञानवापी पहुंची है।सर्वे के दौरान एक बड़ा दावा किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि सर्वे के दौरान तहखाने से मूर्तियों के अवशेष मिले हैं।
ASI सर्वे के दौरान दोनों पक्ष के वकील मौजूद
ज्ञानवापी मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ नेअंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की याचिका को खारिज कर दिया। साथ ही ज्ञानवापी परिसर में ASI सर्वे को हरी झंडी दिखा दी। सुप्रीम कोर्ट से ग्रीन सिंग्नल मिलने के बाद आज एसाआई की टीम ज्ञानवापी परिसर में पहुंचकर जांच शुरू की। इस दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्ष के वकील भी मौजूद रहे। सुरक्षा के मद्देजनर ज्ञानवापी के आस-पास के इलाके में भारी सुरक्षा बल मौजूद है।
मूर्तियों के अवशेष मिलने का दावा
एएसआई के पहले दिन के सर्वे में 7 घंटे से ज्यादा समय तक परिसर की आकृति तैयार की गई। साथ ही माप-जोख भी की गई। इस दौरान मूर्तियों के अवशेष मिलने की बात सामने आ रही है।मां शृंगार गौरी मुकदमे की वादिनी चार महिलाओं के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि नंदी के सामने जो व्यास जी का तहखाना है, वहां से मूर्तियों के अवशेष मिले हैं।हिंदू पक्ष की पैरोकार सीता साहू ने कहा है कि एक मूर्ति मिली है। माप लिया गया है। घास साफ करके मूर्ति निकाली गई है।
गौरतलब है कि वाराणसी जिला जज नेज्ञानवापी मस्जिद मेंASI सर्वे करने का आदेश दिया था। जिसके बाद 21 जुलाई को ASI सर्वे शुरू किया गया था। एसआईको 4 अगस्त तक सर्वे ज्ञानवापी मस्जिद की रिपोर्ट वाराणसी की जिला अदालत को सौंपनी थी।एसआई सर्वे को रोकने के लिए मुस्लिमपक्ष ने पहले सुप्रीम कोर्ट फिर हाईकोर्ट में ASI सर्वे के फैसले को चुनौती दी थी। इस मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया था।जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ नेASI सर्वे को मंजूरी दी।