इंडिया के सवाल पर एनडीए का जवाब…बिहार में अमृत भारत योजना में कई रेलवे स्टेशनों का होगा कायाकल्प, प्रधानमंत्री कल करेंगे शिलान्यास

संतोष कुमार सिंह

पटना: इंडिया गठबंधन की तरफ से विशेष रूप से इस गंठबंधन में शामिल बिहार के सतारूढ़ दल की तरफ से ये आवाज आते रहती है नरेंद्र मोदी के राज में बिहार की अनदेखी हो रही है। लेकिन अब ऐसा लगता है कि नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने बिहार के रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प करने का सोच लिया है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी 6 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल के सात स्टेशनों गया, अनुग्रह नारायण रोड, सासाराम, भभुआ रोड, कुदरा, दुर्गावती तथा चंदौली मझवार स्टेशनों सहित देशभर में 508 रेलवे स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास का शिलान्यास करने जा रहे हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल के गया जंक्शन पर लगभग 299 करोड़ रुपये की लागत से, अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन पर लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से, सासाराम स्टेशन पर लगभग 21.32 करोड़ रुपये की लागत से, भभुआ रोड स्टेशन पर लगभग 24.22 करोड़ रुपये की लागत से, कुदरा स्टेशन पर लगभग 18.76 करोड़ रुपये की लागत से, दुर्गावती स्टेशन पर लगभग 18.04 करोड़ रुपये की लागत से तथा चंदौली मझवार स्टेशन पर 21.70 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्यों का शिलान्यास होगा।

केवल इसी रीजन में नहीं बल्कि प्रधानमंत्री मोदी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 24,470 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्टेशनों का पुनर्विकास का शिलान्यास करेंगे। जहां तक बिहार का सवाल है तो इस योजना के तहत तिरहुत क्षेत्र के मुजफ्फरपुर, मिथिला क्षेत्र के दरभंगा-सीतामढ़ी और मगध क्षेत्र के गया स्टेशन पर सबसे ज्यादा राशि खर्च की जा रही है। जितना सोचा नहीं गया होगा, उससे ज्यादा सभी स्टेशनों पर खर्च हो रहा मगर सबसे ज्यादा इन चार स्टेशनों का रंग-रूप बदलने में खर्च होगा।

इस योजना का उद्देश्य योजना में शामिल रेलवे स्टेशनों पर भविष्य में यात्रियों की सुविधा, सुगमता व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार स्टेशन भवन, प्रवेश एवं निकास द्वार, फुटओवर ब्रिज, कॉनकोर्स, प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया, पार्किंग, दिव्यांग सुविधाओं, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता व्यवस्था, पहुंच पथ, संकेत एवं निर्देश बोर्ड, ट्रेन डिस्प्ले और उद्घोषणा प्रणाली, सुंदरीकरण आदि संबंधी आवश्यक विकास कार्य किया जाएगा।

बड़ी बात यह है कि इस योजना में किस तरह का विकास कार्य होगा इसका सैंपल भी तैयार है और श के तीन स्टेशनों पर काम पूरा हो गया है। अगर आपने इन तीन में से किसी स्टेशन पर उतरकर उसे देखा हो तो अंदाजा लगा सकते हैं कि कैसा दिखेगा अपना स्टेशन- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का रानी कमलापति स्टेशन, कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु का सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल स्टेशन और गुजरात का गांधीनगर कैपिटल स्टेशन। इन स्टेशनों पर यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। सुविधाजनक आवाजाही के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर के अलावा कॉनकोर्स, वेटिंग रूम और रिटेल क्षेत्र बनाए गए हैं। इसके अलावा, यात्रियों के आगमन-प्रस्थान एवं वाहन पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है।

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