इफाल: एक तरफ उत्तर भारत में स्थित राज्य हरियाणा के कुछ हिस्सों में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। दूसरी तरफ पिछले तीन महीने से मणिपुर भी हिंसा (Manipur Violence) की आग में जल रहा है। इस दौरान सैकड़ों लोगों की जान चली गई, हजारों लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गया। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया, बुजुर्गों को जिंदा जलाया गया, और अभी भी राज्य के कुछ हिस्सों से हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। ताजा मामला बिष्णुपुर जिले की है जहां आज यानी गुरुवार को हिंसा हुई है।
दरअसल, ये घटना बिष्णुपुर जिले के कांगवई और फौगाकचाओ इलाके की है जहां उपद्रवियों द्वारा हिंसा फैलाई गई। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हो गई। जिसके बाद बिगड़ते हालातों पर काबू पाने के लिए सेना और आरएएफ के जवानों ने आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान 17 प्रदर्शनकारी घायल हो गए।
वहीं इंफाल में हो रही हिंसा के दौरान पूर्व-पश्चिम इंफाल से कर्फ्यू में ढील को वापस ले लिया है। जहां सिर्फ रात के दौरान ही कर्फ्यू लागू था वहीं अब दिन में भी प्रतिबंध लगा रहेगा। चूंकि हिंसा से प्रभावित दोनों राज्य हरियाणा और मणिपुर भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। ऐसे में विपक्षी दल मॉनसून सत्र के दौरान संसद में लगातार बीजेपी पर हमलावर हो रही है। गुरुवार को भी विपक्षी दलों ने संसद में जमकर हंगामा और नारेबाजी की। हंगामे के चलते संसद की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।