Monsoon Session: मणिपुर हिंसा को लेकर सरकार राज्यसभा में चर्चा के लिए तैयार है। केन्द्रीय मंत्रियों ने विपक्षी नेताओं के साथ बैठक की है। विपक्ष लगातार हिंसा पर पीएम नरेन्द्र मोदी के बयान की मांग कर रहा था। सरकार का कहना है कि हम चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा की बजाय हंगामा कर रहा है।
सरकार और विपक्ष की बैठक
बताया जा रहा है कि केन्द्रीय मंत्रियों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य़ दलों के साथ आधे घंटे की बैठक की। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सरकार और विपक्षी दलों के बीच चर्चा के लिए सहमति बनी है। यह चर्चा 11 अगस्त को हो सकती है।
विपक्ष का कहना है कि पीएम मोदी को सदन में मणिपुर हिंसा पर बयान देना चाहिए। इसके बाद सदन में लंबी चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष का कहना है कि नियम 267 के तहत चर्चा की जानी चाहिए। बता दे कि, इस नियम के तहत कार्यस्थगन का प्रावधान होता है।
विपक्ष की 267 के तहत चर्चा की मांग
पीटीआई के मुताबिक, विपक्षी दलों के साथ बैठक में केन्द्रीय मंत्रियों का कहना है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है लेकिन कोई समय सीमा नहीं चाहिए। सरकार नियम 267 के तहत चर्चा के लिए तैयार नहीं है। लेकिन विपक्ष इस नियम के तहत चर्चा के लिए अड़ा है।
जानकारी के लिए बता दे कि, मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मैतइ समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को आदिवासी एकजुटता मार्च के आयोजन के बाद राज्य में हिंसा शुरू हुई थी। अब तक इस हिंसा में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अभी हिंसक घटनाओं की खबरें सामने आ रही है।