Delhi Ordinance Bill:दिल्ली सेवा बिल लोकसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट किया। जब अध्यादेश पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बोल रहे थे तब आम आदमी पार्टी के सांसद सुशील कुमार रिंकू ने कागज फाड़कर सांसदों पर फेंक दिया। इसके बाद सुशील कुमार को पूरे सत्र से निलंबित कर दिया गया।
दिल्ली अध्यादेश बिल पास
अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े अध्यादेश की जगह लेने वाला यह बिल लोकसभा में पास हो गया, अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। लोकसभा में बिल पर चर्चा का जवाब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिया। इस दौरान कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके सहित अन्य विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध किया।
अमित शाह ने विधेयक के पक्ष में तर्क देते हुए सदन में कहा, अध्यादेश सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को संदर्भित करता है जिसमें कहा गया है कि दिल्ली को लेकर किसी भी मुद्दे पर सरकार को कानून बनाने का अधिकाऱ है।उन्होंने कहा कि संविधान में भी ये अधिकार दिया गया है।
राजनीति के लिए हो रहा विरोध- शाह
गृह मंत्री शाह ने आगे कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, राजाजी, राजेंद्र प्रसाद और डॉक्टर बीआर अंबेडकर भी दिल्ली को राज्य का दर्जा दिए जाने के विरोध में थे। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन को दिल्ली की नहीं, सिर्फ अलायंस की चिंता है। ये विधेयक का विरोध राजनीति के लिए कर रहे हैं।
विपक्ष पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा, ये जनता सब जानती है। आज आपने अपने आप को एक्सपोज किया। सदन जनता को गुमराह करने की जगह नहीं है। शाह ने कहा कि दिल्ली राज्य तक नहीं है। ये एक केंद्र शासित प्रदेश है, उसमें भी राजधानी क्षेत्र है।
चुनाव लड़ने से पहले नियम पढ़ लिए होते तो आज नहीं कहते कि अधिकार नहीं है। हमने इसको नहीं बनाया है। शाह ने कहा कि इससे पहले झगड़ा नहीं हुआ लेकिन अब झगड़ा करने का स्वभाव ही है तो क्या कर सकते हैं। दिल्ली में मंत्री के सिग्नेचर से कैबिनेट नोट जा रहा है। नियम के हिसाब से कुछ नहीं चल रहा है इसलिए नियम बनाने पड़ रहे हैं।