चंद्रयान-3 धरती से चांद की 3.84 लाख किमी की दूरी लगभग 40 दिनों में तय करेगा। लॉन्चिंग के बाद रॉकेट इसे पृथ्वी के बाहरी ऑर्बिट तक ले गया। ,
नई दिल्ली:/ भारत ने आज एक और इतिहास रच दिया।अपने ड्रीम प्रोजेक्टआंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से चंद्रयान 3 मिशन की लॉन्चिंग की।चंद्रयान-3 ने शुक्रवार दोपहर 2 बजकर 35 मिनट पर चंद्रमा की ओर जाने के लिए पृथ्वी से उड़ान भरी।करीब 45 से 50 दिन की यात्रा करने के बाद चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास लैंडिंग होगी।
चंद्रयान-3 के लैंडर का नाम विक्रम और रोवर
चंद्रयान-3 धरती से चांद की 3.84 लाख किमी की दूरी लगभग 40 दिनों में तय करेगा। लॉन्चिंग के बाद रॉकेट इसे पृथ्वी के बाहरी ऑर्बिट तक ले गया। इस दौरान रॉकेट 36 हजार किमी/घंटे की अधिकतम रफ्तार तक सफर करेगा। ने चंद्रयान 2 की तरह ही चंद्रयान-3 के लैंडर को विक्रम और रोवर को प्रज्ञान नाम दिया है। चंद्रयान-3 एलवीएम3एम4 रॉकेट के जरिए पूरा किया गया। इसे जीएसएलवीएमके-3 के भी नाम से जाना जाता था। इसरो में इस रॉकेट को फैट बॉय भी कहा जाता है।/
भारत का मिशम मून लॉन्च
चंद्रयान-3 23 अगस्त के बाद कभी भी धरती से 3 लाख किलोमीटर दूर चंद्रमा की सतह पर उतरेगा। लेकिन वहां सूर्योदय की स्थिति को देखते हुए इसमें बदलाव हो सकता है। अगर सूर्योदय में देरी होती है तो इसरो लैंडिंग का समय बढ़ाकर इसे सितम्बर में कर सकता है। बता दें 4 साल में दूसरी बार भारत अपना मिशम मून लॉन्च कर रहा है जिसमें कई जरूरी बदलाव किए गए हैं।
कल्पना चावला को किया गया याद
चंद्रयान-3 के लॉन्चिग को देखने के लिए 200 से अधिक स्कूली छात्र आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पहुंचे। यहां पहुंचे छात्रों ने भारत की मशहूर अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावाल को याद किया। वहां मौजूद एक छात्रा ने कहा, मैं बहुत उत्साहित हूं। मैं कल्पना चावला की तरह अंतरिक्ष यात्री बनना चाहती हूं।