-श्रुति मेहरोत्रा
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजघानी दिल्ली का प्रसिद्ध डियर पार्क जो हौज़ खास इलाके में सालों से स्थित है। यह अब अपनी पहचान खोने जा रहा है। क्योंकि केंद्रीय अधिकारियों ने अब मिनी चिड़ियाघर के रूप में इसकी मान्यता रद्द कर दी है। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) ने यह महत्वपूर्ण बदलाव हिरणों की बढ़ती संख्या के कारण किया है।
संरक्षित वन के रूप में होगा वर्गीकृत
इस मिनी चिड़ियाघर को ए. एन. झा डियर पार्क के नाम से जाना जाता है। जिसे 63 साल से ज्यादा हो गए हैं। इस पार्क की मान्यता रद्द होने के बाद इसे दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की देखरेख में संरक्षित वन के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।
क्या है बंद होने की वजह ?
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) ने अपने आदेश में डियर पार्क के बंद होने का कारण हिरणों की बढ़ती संख्या को बताया है। साल1960 में जब इस पार्क की शुरुआत हुई थी तब यहां पर कुछ हिरणों को लाया गया था। तब से इनकी आबादी में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। वहीं साल 2022 में प्रारंभिक प्रस्ताव सभी हिरणों को राजस्थान के वन क्षेत्रों में स्थानांतरित करने का था। लेकिन, इस साल की शुरुआत में, (CZA) ने फैसला किया कि कुछ हिरणों को दिल्ली के असोला भट्टी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी ले जाया जाएगा।
अब कहां जाएगें लगभग 600 हिरण ?
डियर पार्क में मौजूद लगभग 600 हिरणों को उनके शिकार आधार को बढ़ाने के लिए राजस्थान और दिल्ली के वन क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा। इतना ही नही राजस्थान वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हिरणों को शिकार-आधार के लिए रामगढ़-विषधारी बाघ अभयारण्यों सहित रिजर्व में ले जाया जाएगा। तो वहीं कुछ हिरणों को दिल्ली के जंगलों में छोड़ा जाएगा।
63 साल से आकर्षण का केंद्र राह डियर पार्क
सेंट्रल ज़ू अथॉरिटी के मेंबर सेक्रेटरी डॉ. संजय कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में 30जनवरी, 2023को प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित की गई थी। इसमें यह जानकारी सामने आई थी कि मिनी ज़ू में 600जानवरों को रखा गया था 55साल पुराना यह पार्क राष्ट्रीय राजधानी में हिरणों को देखने, फोटोशूट आदि के लिए एक बड़ा आकर्षण रहा है।
कब तक वैध थी इसकी मान्यता ?
(CZA) के आदेश में यह भी कहा गया है कि डियर पार्क की मान्यता अगस्त 2021 तक वैध थी। इसकी मान्यता के नवीनीकरण के लिए डीडीए से सितंबर 2021 में एक आवेदन प्राप्त हुआ था। CZA ने अप्रैल 2022 में चिड़ियाघर का मूल्यांकन करने के लिए एक अधिकारी की प्रतिनियुक्ति की थी, और यह मूल्यांकन सितंबर 2022 में किया गया था। इस बीच, सीजेडए को राजस्थान के मुख्य वन्यजीव वार्डन से प्रिंसिपल को संबोधित पत्र प्राप्त हुआ।
अधिकारियों ने बैठक में क्या फैसला लिया ?
(CZA) की तकनीकी समिति ने पिछले साल सितंबर में विचार किया था। लेकिन बाद में सेंट्रल ज़ू अथॉरिटी के अधिकारियों ने बैठक में यह फैसला लिया कि इनमें से कुछ हिरणों को दिल्ली की असोला भट्टी वन्यजीव अभ्यारण्य में ले जाया जाएगा और बचे हुए 70 प्रतिशत हिरणों को राजस्थान और दिल्ली के जंगलों में छोड़ दिया जाएगा।