-श्रुति मेहरोत्रा
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक दहला देले वाली घटना सामने आई है। जहां एक डॉक्टर के ऊपर एक बड़ा आरोप लगा है। यहां एक बच्चे की जीभ का ऑपरेशन होना था लेकिन डॉकटरों ने जीभ की जगह उसके प्राइवेट पार्ट का ऑपरेशन कर डाला।
जीभ की बजाय कर दिया प्राइवेट पार्ट का ऑपरेशन
बरेली का रहने वाला एक परिवार अपने बेटे के तोतलेपन का इलाज कराने स्टेडियम रोड स्थित डॉ. एम खान अस्पताल में भर्ती कराया था। जहा ढाई साल के बेटेके माता-पिता को जानकारी दिए बिना बच्चे का खतना कर दिया। बच्चें के मां-बाप को इस बात का पता चला तो वो स्तब्ध रह गए। इसके बाद अस्पताल में परिजनो ने हंगामा कर दिया।
अंग्रेजी वाली पर्ची में कराए हस्ताक्षर-पीड़ित परिजन
पीड़ित परिवार ने बताया कि मेडिकल पर्ची पर उनके हस्ताक्षर ले लिए गए थे। यह पर्ची अंग्रेजी भाषा में थी इसलिए उन्हें कुछ समझ नहीं आया कि उसमें क्या लिखा है। बच्चे के मां-बाप का कहना है कि उन्होंने डॉक्टर से तोतलेपन के इलाज की बात की थी, लेकिन उन्होंने उनके बच्चे के प्राइवेट पार्ट का ऑपरेशन कर दिया।
हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित
जानकारी के मुताबिक यह मामला इतना बढ़ा गया कि यूपी के उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक तक इसकी जानकारी पहुंच गई।इस घटना कि गंभीरता को देखते हुए उन्होंने जल्द से जल्द इसकी रिपोर्ट तैयार करने को कहा। वहींहॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है। साथ हीआरोपी डॉक्टर मोहम्मद जावेद खान का भी लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है।
डॉक्टर ने रखा अपना पक्ष
वहीं अपने ऊपर लगे इस गंभीर आरोप परडॉक्टर मोहम्मद जावेद खान ने अपना पक्ष रखा है। उनकाकहना है कि बच्चे को यूरिन इन्फेक्शन हुआ था। जिसके बाद परिवार वालो से बात-चीत करके बच्चे की सर्जरी की गई। डॉक्टर ने बच्चे के परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है।