Bhilwara:बहन की जल रही चिता में कूदकर भाई ने दी जान, लेटर मिलने के बाद चर्चा का विषय बना मामला

भीलवाड़ा:भाई-बहन का रिश्ता एक ऐसा रिश्ता होता है जो दोस्ती के साथ-साथ कई रिश्तों की कमी को पूरा कर देता है। इस रिश्ते में प्यार, दुलार और लड़ाई-झगड़ा सब होता है लेकिन दोनों एक-दूसरे के जान होते हैं। दरअसल, राजस्थान के भीलवाड़ा से एक ऐसी खबर सामने आई है जहां एक भाई अपनी बहन से इतना ज्यादा प्यार करता था कि उसकी मौत पर उसी की चिता में कूदकर अपनी जान दे दी। इस घटना के बाद लोग भाई-बहन की मौत पर स्तब्ध हैं।

बताया जा रहा है कि मृतक अपनी बहन की मौत से सदमे में था और उसके अंतिम संस्कार के समय जल रही चिता मे छलांग लगा दिया। ये नजारा देख वहां मौजूद लोग आनन-फानन में उसे चिता से बाहर निकाले। जब तक उसे बाहर निकाला गया तब तक युवक 80 फीसदी जल चुका था। उस दौरान उसे उपचार के लिए भीलवाड़ा भर्ती कराया गया लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर उदयपुर रेफर कर दिया गया। तमाम कोशिशों के बाद युवक ने भी इलाज के दौरान शुक्रवार रात दम तोड़ दिया। मृतक का नाम सुखदेव बताया जा रहा है।

पत्थर के नीचे से मिला युवक का लेटर

जानकारी ये भी सामने आ रही है कि सुखदेव ने बहन की चिता की परिक्रमा करने के बाद जेब स एक पर्ची निकालकर पत्थर के नीचे दबाकर रखा था। पर्ची में लिखा था-सभी को राम-राम, जो भी मैंने किया है, मेरी मर्जी से किया है। कोई कुछ भी कहे, वह सच नहीं है। मेरा सच मेरे साथ चला गया। कोई किसी पर दबाव न डाले, जिसकी वजह से किसी को पछताना पड़े। युवक का लेटर मिलने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

संदिग्ध हालत में हुई थी युवती की मौत

दरअसल, मामला भीलवाड़ा जिले के बागोर थाना इलाके के मांकियास गांव कीहै जहां एक भाई-बहन के अटूट प्रेम को देख लोग स्तब्ध हैं। जानकारी के मुताबिक, यहां की रहने वाली 21 वर्षीय मीना नाम की युवती की संदिग्ध हालत में बुधवार को मौत हो गई। मृतक सुखदेव अपनी चचेरी बहन की मौत की खबर सुन सदमे में आ गया था। गुरुवार को मीना का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। चिता की आग बूझने तक सभी परिजन और रिश्तेदार श्मशान घाट पर इंतजार कर रहे थे। वहां सुखदेव भी मौजूद था।

इस दौरान सुखदेव अचानक उठा और वॉशरुम गया। वॉशरुम से जैसे ही सुखदेव वापस लौटा वह दौड़ते हुए चिता में जा कूदा। यह नजारा देख वहां मौजूद लोग हक्के-बक्के रह गए। लोगों ने जल रही चिता से जैसे-तैसे उसे बाहर निकाला तब तक युवक 80 फीसदी जल चुका था। वहीं, इलाज के दौरान शुक्रवार रात उसकी भी मौत हो गई। इस घटना के बाद एक ही घर में अपने दो बच्चों को खोने के बाद परिजन सदमे में हैं।

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