शिमला: शिमला से कालका के बीच चलने वाली ऐतिहासिक टॉय ट्रैन के बारे में तो आपने सूना ही होगा। अब इस में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी के सपने मेक इन इंडिया का अनुसरण करते हुए पहली बार नैरोगेज (एनजी) कोच बनाकर जहां रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) ने अपनी कार्यकुशलता साबित की है, वहीं बिना किसी डिजाइन डाटा के स्विजरलैंड में सरपट दौड़ने वाली ट्रेन को मात देते विश्वस्तरीय माडर्न पैनारोमिक कोच बनाकर कीर्तिमान स्थापित किया है।
यह बोले जीएम
मुख्य अतिथि जीएम आरसीएफ ने कहा कि इन कोच को कालका-शिमला रूट पर दूसरे चरण के ऑसीलेशन ट्रायल के लिए आरसीएफ से भेजा जा रहा है। इनमें एक एसी एग्जीक्यूटिव चेयर कार, एक एसी चेयर कार, एक नॉन एसी चेयर कार और एक लगेज कार शामिल हैं।
इतनी आई है लागत
जीएम ने बताया कि स्विजरलैंड की ट्रेन को टक्कर देने वाले इन कोच की प्रति कोच लागत एक करोड़ रुपये आई है। उन्होंने बताया कि एसी एग्जीक्यूटिव 1.13 करोड़ तो लगेज कोच 90 लाख रुपये में बना है। इन चारों की औसतन कीमत निकाली जाए तो यह एक करोड़ रुपये बैठती है।
यह मिलेगी सुविधा
इन कोच में एयर कंडीशनिंग सिस्टम, बिजली सप्लाई, पैंट्री, बायो-वैक्यूम टॉयलेट, लाइटिंग व फ्लोरिंग आदि के नए डिजाइन में कई महत्वपूर्ण काम किए गए हैं, जिससे यात्री इसमें बैठकर शिमला की हसीन वादियों का लुत्फ उठा सकें। कोच में पावर विंडो की सुविधा दी गई और पैनारोमिक कोच में छत पर लगे शीशे को यात्री अपनी सुविधा अनुरूप धूप से बचाव के लिए ब्लर भी कर सकेंगे।