नई दिल्ली: किसानों के मसीहा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की आज 12वीं पुण्यतिथि है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। महेंद्र सिंह टिकैत का जन्म 6 अक्टूबर 1935 को सिसौली गांव में हुआ था। उन्होंने जीवन भर किसानों के हितों के लिए संघर्ष किया। महेंद्र सिंह ने 1 मार्च 1987 को किसानों के मुददे को लेकर भारतीय किसान यूनियन का गठन किया था। 15 मई 2011 को बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था।
महेंद्र सिंह ने शुरू किया था पहला धरना
चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने किसानों के बीच अपनी एक ऐसी छवि बना ली थी कि जिनकी एक आवाज पर लाखों किसान इकट्ठा हो जाते थे। उन्होंने कई किसान आंदोलनों को अंजाम दिया। महेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसानों के अधिकार के लिए पहला धरना शुरु किया गया था। यह धरना आज से 36 साल पहले मुजफ्फरनगर में बिजली घर पर शुरू हुआ था। इसके बाद से ही भारतीय किसान यूनियन की नींव रखी गई थी। इस संगठन ने देशभर के किसानों को एकजुट कर दिया। 17 अक्तूबर 1986 को अस्तित्व में आई भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर महेंद्र सिंह मनोनीत हुए।
किसानों के मुद्दे के लिए उठाई आवाज
महेंद्र सिंह टिकैत ने किसानों के मुद्दे के लिए अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने किसानों की मुख्य मांग बिजली, सिंचाई फसलों, गन्नों के दाम की मांगों को पुरजोर तरीके से सरकार के सामने रखा। उन्होंने किसान वर्ग को उनकी ताकत का अहसास कराया। आंदोलनों के माध्यम से प्रदेश और देश की सरकार को किसानों की मांगे माननी पड़ी। जिसकी वजह से किसानों का शोषण नहीं हो सका था।