Analysis: एनसीपी का अगला चीफ कौन, सुप्रिया या अजीत, भारतीय राजनीति के चाणक्य माने जाते हैं शरद पवार

मुंबई: एक तरफ तो शरद पवार ने इस्तीफा दे दिया है। अब सवाल पैदा हो रहे हैं कि आखिर एनसीपी का अगला अध्यक्ष कौन बनेगा। इस रेस में दो नाम हैं शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले और भतीजे और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार आगे चल रहे हैं। 1999 में एनसीपी का गठन कांग्रेस से निकल कर शारद पवार ने किया था। शरद पवार एनसीपी के पहले अध्यक्ष थे। अब सवाल यह है कि आखिर महाराष्ट्र के दिग्गज राजनेता माने-जाने वाले शरद पवार का उत्तराधिकारी कौन होगा।

इस बीच अजित पवार ने आज ऐसे बयान दिए जिससे उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा जाहिर होती है। अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार के सामने कहा कि एनसीपी क नेता बार बार उनसे फैसले वापस न लेने को कहें। पवार साहब हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। अजित पवार ने कहा कि नए नेतृत्व को मौका मिलना चाहिए।

अगर देखा जाए तो महाराष्ट्र की राजनीति की बात करें तो शिवसेना के पूर्व चीफ बाला साहेब ठाकरे भी ऐसे मौके पर दो बार पार्टी अध्यक्ष के पद से इस्तीफे की घोषणा की थी जब उन्हें लगा था कि पार्टी में उनकी सुनी नहीं जा रही है। बाला साहेब इस कदम के बाद पार्टी के अंदर फिर से मजबूत होकर उभरते थे।

2019 में ही पार्टी के कई नेता चाहते थे कि भाजपा और एनसीपी मिलकर सरकार बनाए। हालांकि, शरद पवार ने ऐसा नहीं किया। इसके बाद उनके भतीजे अजित पवार ने पार्टी के फैसले से अलग हटकर देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर सरकार भी बना ली थी। तब अजित डिप्टी सीएम बने थे। हालांकि, एक दिन बाद ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद शरद पवार के कहने पर कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी ने मिलकर महाविकास अघाड़ी का गठन किया था।

इस फैसले के पीछे यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि ये भी संभव है कि पार्टी के अंदर उठ रहे विरोध और बार-बार भतीजे अजित पवार की बगावती सुर के बीच शरद पवार अपनी ताकत परखना चाहते हों। वह यह देखना चाहते हों कि आखिर जिस पार्टी को उन्होंने खड़ा किया था, आज उसमें उनके साथ कितने लोग खड़े हैं?

अगर हम अजीत पवार की बात करें तो शरद पवार के भतीजे और महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजित पवार का नाम इसमें सबसे पहले है। अजित पार्टी प्रमुख के लिए सबसे बड़े दावेदार हैं। पार्टी में उनकी हुकूमत भी चलती है। पार्टी पर उनका काफी प्रभाव है। यही कारण है कि जहां शरद पवार खुद नहीं होते हैं, वहां अजित को भेजा जाता है।

अजीत ने पार्टी के फैसले के खिलाफ जाकर 2019 में देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर शपथ ले ली थी। बगावत के बावजूद जब वापस अजित शरद पवार के साथ गए तो महाविकास अघाड़ी की सरकार में भी उन्हें ही डिप्टी सीएम बनाया गया।

शरद पवार की बेटी और एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले अध्यक्ष पद की दूसरी सबसे बड़ी दावेदार हैं। सुप्रिया तेज तर्रार नेता हैं और बोलने में काफी माहिर हैं। उनकी वाक शैली से लोग उनके कायल हो जाते हैं। सुप्रिया ने राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान बना रखी है। ऐसे में संभव है कि पार्टी की कमान आगे सुप्रिया को ही मिल जाए।

अगर अजीत पवार और सुप्रिया सुले के बीच पारिवारिक लड़ाई जारी रहती है तो संभव है कि पार्टी की कमान शरद किसी अपने विश्वसनीय नेता को दे सकते हैं। इसके जरिए वह परिवारवाद के आरोपों को भी गलत साबित करने की कोशिश कर सकते हैं। जैसा की अभी कांग्रेस में भी हुआ है।

शरद पवार ने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस के साथ की थी। मगर साल 1999 राष्ट्रीय कांग्रेस और इंदिरा गांधी से अलग होकर उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की स्थापना की थी और इसके अध्यक्ष बने। शरद पवार ने एक मुख्यमंत्री के साथ-साथ लोकसभा सदस्य, केंद्रीय मंत्री, रक्षा मंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष, बीसीसीआई और आईसीसी के अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दी हैं।

शरद पवार को शाररिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। पवार को गुटखा खाने की आदत थी जिसकी वजह से उन्हें मुंह का कैंसर हो गया। इतनी बड़ी बिमारी के पता चलने के बाद उनके राजनीतिक करियर को खत्म माना जाने लगा था। मगर उन्होंने 2004 में अपने मुंह की सर्जरी कराई और इस बीमारी को मात दी। मार्च 2021 में, उन्होंने अपनी पित्तशय की थैली की समस्या के लिए सर्जरी करवाई।

भारतीय राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार की पहल पर ही महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी यानी एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस की गठबंधन की सरकार बनी थी। बाद में शिवसेना टूट जाने के कारण यह गठबंधन की भी टूट गया। शरद पवार ने अपने नाम कई बड़े रिकॉर्ड किए। 55 सालों के राजनीतिक अनुभव के साथ शरद पवार 1967 से एक भी विधानसभा या लोकसभा चुनाव नहीं हारे। तीन बार वो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के पद पर काबिज हुए। अटल बिहारी वाजपेयी समेत कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के साथ पवार के व्यक्तिगत रूस से अच्छे संबंध थे।

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