इस्लामाबाद: कहते हैं जीते जी इंसान ने कितने भी गुनाह किये हों लेकिन मरने के बाद उसे इज्जत देनी चाहिए। पाकिस्तान में इन दिनों मरने वालों के साथ भी कुछ ऐसा हो रहा है कि हजिसे सुनकर आपकी आत्मा कांप उठेगी। पाकिस्तान में जिन लड़कियों या युवतियों की मौत हो जाती है जैसे जिनकी मौत हुए दो या तीन दिन हुए हों कोई दरिंदा उनकी खबर को खोल कर उनके साथ दुष्कर्म करता है।
माता-पिता अपना रहे हैं यह तरीका
अपनी दिवंगत बेटियों के शवों के साथ दुष्कर्म रोकने के लिए लोग कब्र पर ताला लगा रहे हैं। समाचार में कहा गया है कि देश में नेक्रोफीलिया (शव के साथ दुष्कर्म) के मामले बढ़ गए हैं। अपने परिवार आधारित मूल्यों पर गर्व करने वाले पाकिस्तान में हर दो घंटे पर एक महिला के साथ दुष्कर्म होता है।
यह बोल रहे हैं विशेषज्ञय
डेली टाइम्स ने अपने संपादकीय में कहा है कि महिलाओं की कब्रों पर लगे ताले का दिल दहला देने वाला दृश्य पूरे समाज के लिए शर्म से अपना सिर झुकाने के लिए काफी है। इस्लाम धर्म छोड़कर नास्तिक बन चुके हैरिस सुल्तान ने इस तरह के घृणित कृत्यों के लिए कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा को दोषी ठहराया है। दि कर्स आफ गाड, ह्वाई आइ लेफ्ट इस्लाम पुस्तक के लेखक हैरिस ने बुधवार को ट्वीट किया, पाकिस्तान ने स्वयं को इतना कामुक, यौन कुंठित समाज बना लिया है कि लोग अब अपनी दिवंगत बेटियों की कब्र पर ताले लगाने लगे हैं, ताकि उनके शवों के साथ दुष्कर्म नहीं हो सके।
2011 पकड़ा गया है एक व्यक्ति
साजिद यूसुफ शाह ने ट्वीट किया है, पाकिस्तान ने जो सामाजिक वातावरण तैयार किया उसने एक ऐसे कामुक और कुंठित समाज को जन्म दिया है जहां लोगों को अपनी दिवंगत बेटियों को भी दुष्कर्म से बचाने के लिए उनकी कब्रों पर ताला लगाने पर बाध्य कर दिया है। पाकिस्तान में नेक्रोफीलिया का पहला मामला 2011 में सामने आया था। उस समय कराची के उत्तरी निजामाबाद से कब्र की देखरेख करने वाले मुहम्मद रिजवान को गिरफ्तार किया गया था।
पाकिस्तान में क्राइम की घटनाये बड़ रही हैं
पाकिस्तान के सिंध प्रांत के टांडो मुहम्मद खान जिले में स्कूल गई दो नाबालिग छात्रा लापता हो गई हैं। पाकिस्तानी समाचारपत्र जसारत के अनुसार, 16 वर्षीया दुआ चांदियो और 13 वर्षीया मुजामिल फातिमा चांदियो स्कूल से घर नहीं लौटीं।