नई दिल्ली: मोदी सरनेम वाले मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को दो बड़े झटके लगे हैं। पहले 23 मार्च को सूरत कोर्ट ने उन्हेंमानहानि मामले में दोषी ठहराते हुए 2 साल की सज़ा सुनाई। भले ही उन्होंने जमानत के दम पर खुद को जेल जाने से तो बचा लिया, पर उन्हें दूसरा झटका कल यानी 24 मार्च को लगा जब सूरत कोर्ट के फैसले की वजह से लोकसभा सचिवालय (Lok Sabha Secretariat) ने उनकी सांसदी रद्द कर दी।
2019 में दिए गए अपने इस बयान को लेकर राहुल गांधी ने सोचा भी नहीं होगा कि ये बयान चार साल बाद उन्हें इतना महंगा पड़ जाएगा लेकिन अभी भी राहुल गांधी को अपने इस बयान पर माफी मांगने से आपत्ति है। बता दें कि सांसदी रद्द होने के बाद राहुल गाँधी ने आज पहली गाँधी ने आज पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस किया जिसमें उन्होंने माफी मांगने की बात पर कहा कि मैं गांधी हूं, गांधी किसी से माफी नहीं मांगता है, मैं सावरकर नहीं हूं । कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि मैं किसी से डरता नहीं हूं, मैं हिंदुस्तान के लोकंत्र के लिए लड़ता रहूंगा।
सवाल पूछना नहीं करूंगा बंद- राहुल गाँधी
राहुल ने आगे कहा, संसद में दिया गया मेरा भाषण हटा दिया गया और बाद में मैंने लोकसभा अध्यक्ष को एक विस्तृत पत्र लिखते हुए जवाब दिया। कुछ मंत्रियों ने मेरे बारे में झूठ बोला कि मैंने विदेशी ताकतों से मदद मांगी, लेकिन मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है। मैं सवाल पूछना बंद नहीं करूंगा। मैं पीएम मोदी और अडानी के रिश्तों पर सवाल उठाता रहूंगा।
अडानी का नरेंद्र मोदी से क्या रिश्ता है- राहुल
उन्होंने कहा कि मैं सवाल पूछना बंद नहीं करूंगा। अडानी का नरेंद्र मोदी से क्या रिश्ता है? इन लोगों से मुझे डर नहीं लगता। अगर इनको लगता है कि मेरी सदस्यता रद्द करके, डराकर, धमकाकर, जेल भेजकर मुझे बंद कर सकते हैं। मैं हिन्दुस्तान के लोकतंत्र के लिए लड़ रहा हूं और लड़ता रहूंगा। मुझे फर्क नहीं पड़ता की मैं संसद के अंदर हूं या बाहर हूं। मुझे अपनी तपस्या करनी है, मैं उसे करके दिखाऊंगा ।
सज़ा मुझे डराने वाली नहीं हैं- गाँधी
राहुल ने आगे कहा, यह पूरा ड्रामा है जो प्रधानमंत्री मोदी को एक साधारण से सवाल से बचाने के लिए किया गया है। अडानी की शेल कंपनियों में 20,000 करोड़ रुपये किसके गए? धमकियाँ, अयोग्यता या जेल की सज़ा मुझे डराने वाली नहीं हैं।
चाहे जो हो जाए सच बोलता रहूंगा- राहुल गाँधी
राहुल ने आगे कहा, मुझे सिर्फ सच्चाई में दिलचस्पी है और सच्चाई के अलावा किसी चीज़ में नहीं। मैं सिर्फ सच बोलता हूं। सच बोलना ही मेरा काम है और मैं इसे करता रहूंगा। भले ही मैं अयोग्य हो जाऊं या गिरफ्तार हो जाऊं। इस देश ने मुझे सब कुछ दिया है और इसलिए मैं देश के लिए ऐसा करता हूं।