नई दिल्ली: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावास्कर ट्रॉफी जारी है। नागपुर टेस्ट मैच में शानदार जीत के बाद टीम इंडिया के हौसले बेहद बुलंद हैं। वो 17 फरवरी से दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शुरू हो रहे दूसरे मुकाबले के लिए अपनी तैयारियों में लगे हुए हैं। इसी बीच भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को लेकर पूर्व बॉलिंग कोच भरत अरुण ने एक खुलासा किया है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में भारतीय गेंदबाजों ने जमकर प्रदर्शन किया। तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने भी कंगारु टीम के दो विकेट झटके। मोहम्मद शमी के टीम में मौजूद होने से टीम इंडिया की गेंदबाजी में धार नजर आ रही है। शमी बॉलिंग के दौरान अपनी पहली वाली लय में नजर आ रहे हैं। दूसरे मुकाबले से पहले टीम के पूर्व गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने बताया कि एक समय ऐसा था जब मोहम्मद शमी क्रिकेट को हमेशा के लिए अलविदा कहना चाहते थे। लेकिन मैंने और हेड कोच रवि शास्त्री ने उनसे बात की और उन्हें समझाया।
संन्यास लेना चाहते थे शमी
तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को 2018 में इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले अनफिट होने के कारण टीम से बाहर कर दिया गया था। भारतीय टीम से बाहर होने पर वो इंटरनेशल क्रिकेट से संन्यास लेने का पूरा मन बना चुके थे। उन्होंने तत्कालीन हेड कोच रवि शास्त्री और बॉलिंग कोच अरुण भरत से बात की। जिसके बाद उन्होंने अपना रिटार्यमेंट का फैसला बदल दिया।
पूर्व कोच भरत अरुण ने किया खुलासा
भारतीय टीम के पूर्व गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने इस बात का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि, टीम से बाहर होने के बाद मोहम्मद शमी काफी परेशान थे। वो अपनी निजी जिंदगी में चल रही उथल-पुथल की वजह से भी काफी गुस्से में थें।
भरत अरुण ने बताया कि, शमी ने उन्हें फोन किया और कहा कि वो क्रिकेट को अलविदा कहना चाहते हैं। जिसपर अरुण शमी को हेड कोच रवि शास्त्री के पास ले गए। अरुण भरत ने बताया कि मैंने और रवि शास्त्री दोनों ने शमी से पूछा कि क्रिकेट नहीं खेलोगे तो क्या करोगे? क्या जानते हो? दोनों कोचों ने शमी से कहा कि अपने गुस्से को अपने खेल में बदलो। जिसके बाद मोहम्मद शमी ने काफी सोचा-समझा और अपने संन्यास का फैसला बदला दिया।