Lucknow Building Collapse: उत्तर प्रदेश के लखनऊ (Lucknow) में रिहायशी ईमारत गिर जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में अभी तक दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। अब तक 15 लोगों को रेस्क्यू (Lucknow Building Rescue) करके बचा लिया गया। वहीं अभी भी कई लोगों के मलबे में फंसे होने की जानकारी है। ईमारत ढहने की घटना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
हादसे में रेस्क्यू जारी
दरअसल, मंगलवार देर रात वजीर हसनगंज रोड पर अलाया अपार्टमेंट ढह गया। हादसे की जानकारी पुलिस (Lucknow Police) और रेस्क्यू टीम को दी गई। जिसके बाद राहत बचाव अभियान चलाया गया। मामले में योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया। जिसमें मंडलायुक्त रोशन जैकब, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था और चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी शामिल हैं। टीम एक सप्ताह में सीएम योगी (CM Yogi) को हादसे की रिपोर्ट सौंपेगी।
3 लोगों पर दर्ज होगा मुकदमा
कमिश्नर रोशन जैकब ने जानकारी देते हुए बताया, समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के विधायक शाहिद मंजूर (MLA Shahid Manjur) के बेटे समेत तीन के खिलाफ मुकदमा लिखे जाने का आदेश दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, मलबे में करीब 30 से ज्यादा लोग दब गए थे। रेस्क्यू में अब तक 15 को बचा लिया गया है।
दो लोगों की मौत की पुष्टि
आपकी जानकारी के लिए बता देंसमाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्बास हैदर (Spokesperson Abbas Haider) और कांग्रेस नेता जीशान हैदर (Congress Leader Jisan Haider) की मां बेगम हैदर (Begam Haider) की मौत हो गई है। उन्हें बिल्डिंग गिरने के करीब 15 घंटे बाद बाहर निकाला जा सका था। नाजुक हालत में उन्हें सिविल अस्पताल में लाया गया था। डॉक्टर्स के तमाम प्रयास के बाद भी अब्बास और जीशान की मां को बचाया नहीं जा सका।