नई दिल्ली: दिल्ली कंझावला केस में मामला उलझता ही जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने गुरूवार को बड़ा खुलासा करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है कि कंझावला केस में जांच के दौरान पता चला है कि 5 नहीं 7 आरोपी हैं। अब तक 5 आरोपियों को हिरासत में रखा गया है और उनसे पूछताछ जारी है। वहीं, जांच के दौरान दो और आरोपियों की बात सामने आने के बाद दोनों की तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, दीपक ने पूछताछ में बताया था कि वह कार चला रहा था। लेकिन जांच में ये भी पता चला है कि कार दीपक नहीं अमित चला रहा था। प्रशासन का कहना है किकंझावला मामले में पुलिस की 18 टीमें काम कर रही हैं। सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। क्राइम सीन पर विजिट हो गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली पुलिस ने बताया कि दीपक के मुताबिक कार वह चला रहा था लेकिन सीसीटीवी और पूछताछ में हमारे पास ये सबूत है कि कार दीपक नहीं अमित चला रहा था। दीपक और अमित दोनों भाई हैं। अन्य दो आरोपियों के बारे में जानकारी मिली की एक का नाम आशुतोष और दूसरे का नाम अंकुश खन्ना है।
गौरतलब है कि 31 दिसंबर रात करीब 2 बजे कंझावला में 20 वर्षीय अंजलि की चलती बलेनो ने घसीटते हुए उसकी जान ले लीथी, पीसीआर वैन और रात्रि गश्त इकाइयों सहित कम से कम 10 वाहनों को ग्रे बलेनो को ट्रैक करने के लिए ड्यूटी पर लगाया गया था, लेकिन कार ट्रेक नहीं जा सकी। कार ने अंजलि को सुल्तानपुरी से कंझावला तक 12 किलोमीटर तक घसीटा, लेकिन पुलिस को चकमा देने के लिए मुख्य सड़क के बजाय संकरी गलियों में चली गई। जैसा कि जांच जारी है, पुलिस द्वारा पूछताछ किए गए लोगों द्वारा कई विरोधाभासी दावे किए गए हैं।