Corona Crisis: देशभर में कोरोनाका नया वेरिएंट एक बार फिर से अपना पैर पसार रहा है। चीन समेत कई देशों में कोरोना से हाहाकार मचा है। जिसको लेकर दुनियाभर के देश अलर्ट है। ऐसे में भारत सरकार भी कोरोना वायरस को फिर से फैलने से रोकने के लिए मंथन कर रही है।
बूस्टर डोज पर मंथन
अब भारत सरकार कोविड-19 टीके की दूसरी बूस्टर डोज को लेकर विचार मंथन कर रही है। वर्तमान में बूस्टर डोज केवल 28 फीसदी लोगों को लगाई गई है। इसके साथ ही भारत ने जनवरी 2022 में बूस्टर डोज देना शुरू किया था। अब इसको रफ्तार से काम किया जाएगा।
बता दें कि, राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह एक्सपोर्ट ने कहा है कि तकनीकी समूह के सदस्यों को बूस्टर डोस का दूसरा शॉट देना शुरू किया जाएगा। उनके मुताबिक कोई भी सिफारिश करने से पहले सभी वैज्ञानिक डाटा का क्षमता से अध्ययन करना चाहते हैं। इसके साथ ही अध्ययन में पता चला है कि वैक्सीन शॉट से मिलने वाली इम्यूनिटी आमतौर पर 4 से 6 महीने में कम हो जाती है। यह भी देखा गया है कि एक चौथा शॉट गंभीर बीमारी को दूर करने में मद्दगार है।
वहीं, अभी तक के मौजूदा आंकड़ों की बात की जाए तो केंद्र सरकार का ध्यान तीसरी खुराख के कवरेज को बढ़ाने पर है। जो पात्र आबादी का 27 से 28 प्रतिशत है। केंद्र सरकार के एक अधिकारी का कहना है कि हालांकि तकनीकी चर्चा चल रही है,केंद्रीय सरकार इस समय अतिरिक्त बूस्टर खुराक पर विचार नहीं कर रही है। ध्यान उन लोगों को सुनिश्चित करने पर होना चाहिए जो अभी तक आती आती या तीसरी खुराक नहीं ले रहे हैं।