नई दिल्ली: आज इसराइल में बेंजामिन नेतन्याहू ने दोबारा प्रधानमंत्री का पद संभाल लिया। माना जाता है कि बेंजामिन नेतन्याहू भारत के सबसे करीबी दस्तों में से एक हैं। उनके दोबारा प्रधानमंत्री बनने पर भारत की और से भी उनको बधाई दी गई है।
संसद में माहौल देखा गया गर्म
इजराइली संसद को नीसेट कहा जाता है। गुरुवार को संसद के अंदर और बाहर माहौल काफी गर्म नजर आया। छठवीं बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते वक्त नेतन्याहू को नारेबाजी का सामना करना पड़ा। संसद के बाहर भी उनके विरोधियों ने बैनर पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विपक्ष में दिखा रोष
इजराइल की सियासत में सरकारें बदलना नई बात नहीं है। गुरुवार को जब नेतन्याहू ने शपथ ली और इसके बाद अपनी सीट की तरफ जाने लगे तो पूर्व प्रधानमंत्री येर लैपिड ने उनसे हाथ मिलाना भी मुनासिब नहीं समझा। लैपिड संसद से बाहर निकल गए। इसके बाद बाकी मंत्रियों ने शपथ ली।
फिलिस्तीन को रहेगा खतरा
गठबंधन सरकार में शामिल दूसरी पार्टियां वेस्ट बैंक या पश्चिमी किनारे से फिलिस्तीनियों की बस्तियां मिलिट्री की मदद से हटाना चाहती हैं। इससे संघर्ष और बढ़ेगा। एक बहुत बड़ा खतरा फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास के हमलों का भी है। इसे ईरान से खुली मदद मिलती है और यह अकसर इजराइल में रॉकेट हमले करता रहता है।