जम्मू: आज जम्मू के सिद्दड़ा में सेना ने 4 आतंकियों को ढेर कर दिया। सात एके-47, 3 पिस्टल और एक एम-4 राइफल भी मिली है। जी हाँ एम-4 जो सिर्फ अमेरिकन आर्मी के पास होती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश का मजबूत हथियार कश्मीर के आतंकियों के पास कैसे पहुंचा।
Four #terrorists have been killed in an encounter in Sidhra area in #Jammu. 07 AK-47 rifles, one M4 rifle ,03 #Pistols along with other ammunition were recovered. Truck owner is yet to be identified; truck was going from Jammu to Srinagar. Search still on
ADGP Jammu (@igpjmu) December 28, 2022
दो तरह से मिल सकते हैं हथियार
ऐसे में दो कयास लगाए जा सकते हैं कि या तो अफगानिस्तान छोड़ते समय जो हथियार अमरीका छोड़ गया था वो हथियार तालिबान ने आतंकी संगठनों को बेच दिए हैं या फिर यह भी हो सकता है कि यह हथियार आतंकी के पास पाकिस्तानी आर्मी से मिले हों। विषय सोचने वाला है। आखिर इतने हाईटैक और घातक हथियार इन आतंकियों के पास कहाँ से आये।
क्या होती है एम-4 राइफल
अमेरिकी सेना में बहुत लंबे समय तक एम-16 राइफल का राज रहा है। उनकी अधिकतर जंग में इसी बंदूक का इस्तेमाल हुआ। वियतनाम जैसी खतरनाक जंग में भी एम-16 का इस्तेमाल करके ही अमेरिकी सेना लड़ती थी। हालांकि माना जाता है कि इसके साइज़ में बड़े होने के कारण उन्हें क्लोज कॉम्बैट में इसे इस्तेमाल करने में बहुत परेशानी होती थी। इतना ही नहीं कहा जाता है कि इसकी एक्यूरेसी भी बहुत ज्यादा अच्छी नहीं थी। इस परेशानी के सामने आने के बाद ही अमेरिका ने एम-16का एक नया वर्जन बनाने की बात सामने रखी।
एम-16 का टॉप बर्जन है एम-4
अगर देखा जाए, तो एम-16 और एम-4 में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है। एम-4 राइफल और एम-16 दोनों के 80%हिस्से एक जैसे ही हैं। बदलते वक़्त के साथ सिर्फ बड़ी जंग नहीं बल्कि तंग गलियों में भी सैनिकों को लड़ाई करनी पड़ रही थी। ऐसे में एम-16 जैसी बड़ी राइफल का इस्तेमाल बहुत मुश्किल हो रहा था। इसलिए एम-4 को एम-16 के सामान्य ही बनाया गया बस इसका आकर थोड़ा छोटा कर दिया।
इस राइफल के बल पर अमेरिका से डरते है सारे देश
एम-4 कार्बाइन आते ही अमेरिकी सेना में छा गई। यह इतनी सहज थी कि इसे चलाने में सैनिकों को बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था। बहुत ज्यादा देर इस बंदूक को नहीं लगा अमेरिकी सेना में अपनी धाक जमाने के लिए। यह एक ऐसी राइफल है जिसके बल पर अमेरिका पुरे विश्व पर राज करने का दावा करता है।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए हैं कई सवाल
ऐसे में कई सवाल पैदा हो गए हैं जिनके जवाब सुरक्षा एजेंसियों को ढूंढने होंगे और यह एक तरह से खुफिया एजेंसियों के लिए चैलेन्ज भी होगा कि आखिकार इतने घातक हथियार कश्मीर के इन आतंकियों को सप्लाई कौन कर रहा है? यह जवाब भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसीयों ही नहीं बल्कि अमेरिका की खुफिया एजेंसी के लिए भी जांच का विषय बनता है।