चंडीगढ़:कोरोना महामारी की पिछली लहरों ने देशभर में हाहाकार मचा दिया था। हालांकि उस समय भी हरियाणा सरकार ने जागरूकता और बचाव के परस्पर समन्वय के जरिए राज्य के लोगों कोरोना की मार से बचाने का हर संभव प्रयास किया और उसमें सफलता भी मिली। आज एक बार फिर से कोरोना के फैलने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में राज्य सरकार ने एहतियातन कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में कोरोना महामारी से बचने के लिए 27 दिसंबर को राज्यभर में मॉक ड्रिल कराने का फैसला किया है।
क्या कहते हैं विज
हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनिल वीज ने कहा है कि कोविड-19 की आशंका को देखते हुए 27 दिसंबर को राज्यभर के अस्पतालों में मॉक ड्रिल की जाएगी ताकि संक्रमित मरीजों को आइसोलेट किया जा सके। इसी तरह फ्लू जैसें मामलों के लिए आर टीपीसीआर(रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन) टेस्ट भी किया जाएगा।
मनसुख मंडाविया को दी तैयारी की जानकारी
वहीं वीज ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए केंद्रिय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के साथ बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा राज्य स्तर पर हमने कोरोना महामारी की पिछली 3 लहरों को देखते हुए विभाग के अधिकारियों को कई निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा संक्रमण के मामलों के फैलने से रोकने के लिए आर टीपीसीआर टेस्ट किया जाएगा। आज के बाद जो भी मामले आएंगे उनकी जांच आर टीपीसीआर से ही की जाएगी।
मंत्री ने ये भी कहा कि हमारे पास आरटीपीसीआर के लिए पर्याप्त व्यवस्था हैं। हरियाणा में लोगों के लिए सभी 22 जिलों में पुरी 26 आरटीपीसीआर लैब काम कर रही हैं। साथ ही आज से सभी स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मास्क पहनना, सैनिटाइजर और दस्ताने पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्हें काम के दौरान इसका उपयोग करना होगा।