हरियाणा में बांड पॉलिसी विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, कोर्ट ने सरकार को जारी किया नोटिस

चंडीगढ़: हरियाणा में लम्बे समय से चल रहा बांड पॉलिसी विवाद पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुँच गया है। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर दिया है। इस नोटिस के आधार पर सरकार से जवाब माँगा है।

16 जनवरी तक माँगा गया जवाब

जानकारी के लिए बता दें एमबीबीएस छात्रों का धरना पिछले 49दिनों से लगातार जारी। साथ यह भी कहा गया है कि इसी दिन बॉन्ड पॉलिसी पर स्टे को लेकर भी बहस होगी। भारत भूषण तनेजा के वकील कंवल गोयल ने जानकरी देते हुए इस बात का भी खुलासा किया है कि अपना पक्ष वे मजबूती से रख रहे हैं।

डेढ़ माह से चल रहा है प्रदर्शन

बॉन्ड पॉलिसी को लेकर स्टूडेंट्स का कहना है कि यह योग्य स्टूडेंट्स को डॉक्टर बनने में दिक्क्त दे सकता है। इसलिए सरकार को इसे वापस ले लेना चाहिए। स्थिति इतनी खराब है कि पिछले करीब डेढ़ माह से भी अधिक समय से धरना प्रदर्शन जारी है। इस पर न तो सरकार पीछे हटने को तैयार है और न ही स्टूडेंट्स झुक रहे हैं।

क्या है बांड पॉलिसी

हरियाणा सरकार द्वारा एमबीबीएस छात्रों के लिए लाई गई बांड पॉलिसी के तहत डॉक्टरों को स्नातक और स्नातकोत्तर की स्टडी पूरी होने के बाद एक निश्चित समय अवधि के लिए राज्य सरकार द्वारा चल रहे अस्पतालों में काम करने की आवश्यकता होती है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें इस के तौर पर जुर्माना देना होगा। एमबीबीएस छात्रों से 4 साल में 40 लाख रुपये जमा करवाने का बॉन्ड भरना जरूरी है।

इस फैसले की वजह से गरीब छात्रों के लिए मेडिकल की पढ़ाई करना एक चुनौती बन जाएगी। इस पॉलिसी का यही मतलब रह गया है कि अब केवल आर्थिक रूप से मजबूत छात्र ही एमबीबीएस की पढ़ाई कर सकेगा, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए. डॉ मनीष ने बताया कि यह पॉलिसी केवल हरियाणा में ही लागू करने का फैसला लिया गया है, दिल्ली में ऐसी कोई पॉलिसी नहीं है।

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