कैंपस की चौखट लांघ लघु सचिवालय पहुंचा MBBS छात्रों का आंदोलन…

चंडीगढ़: युवाशक्ति उर्जा से भरी होती है। आज का युवा कल का भविष्य है। लेकिन हरियाणा में युवा इन दिनों आंदोलन पर हैं। कुछ इसी तरह का आलम पिछले डेढ़ महीने से हरियाणा में देखने को मिल रहा है, जहां एमबीबीएस के छात्रों द्वारा लगातार अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

क्या है छात्रों की मांग

मेडिकल छात्रों का यह प्रदर्शन प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में है। बॉन्ड पॉलिसी के मुताबिक एमबीबीएस के छात्रों को अपनी स्नातक और स्नाकोत्तर डिग्री पूरी करने के बाद प्रदेश के अस्पतालों या मेडिकल कॉलेज में एक निश्चित अवधि के लिए सेवा करनी पड़ेगी। इस बॉन्ड का पालन न करने वालों पर 10 से 50 लाख रूपये जुर्माने का भी प्रावधान है। 44 दिनों से छात्र शांतिपूर्ण तरीके से कैंपस में ही आंदोलन कर रहे थे। इस क्रम में उनकी न सिर्फ मुख्यमंत्री से बात हुई थी बल्कि वे निरंतर आलाअधिकारियों के भी संपर्क में रहे। परंतु मांगों पर सुनवाई ना होता देख प्रशासन के खिलाफ छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में एमबीबीएस के छात्रों ने अब अपनी मांग मनवाने के लिए लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालिन धरना शुरू कर दिया है। छात्रों का कहना है कि कैंपस में उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इसलिए उन्होंने लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करने का फैसला लिया है।

छात्रों ने दी आंदोलन को उग्र रूप देने की चेतावनी

प्रदेश के चार कॉलेजों के एमबीबीएस छात्र लगातार 44 दिनों से प्रदर्शन कर रहे है। लेकिन सरकार द्वारा छात्रों की मांगों पर कोई सुनवाई नहीं की गई। सरकार और छात्रों की बातचीत के बाद भी कोई कठोर फैसला निकलकर नहीं आया। वहीं अब छात्रों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वह आंदोलन को उग्र रूप देंगे।

बैठक पर बैठक… पर समाधान नही

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि लगभग डेढ़ महीने का समय बीत चुका है। और इन डेढ़ महीनों में कई बार बैठक हो चुकी हैं। लेकिन सरकार कोई भी मांग नहीं मान रही है। बता दे कि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में मेडिकल स्टूडेंट्स की आवाज को उठाया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *