News By : Vanita
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अपने अन्नदाताओं के जीवन में खुशहाली लाने का हर संभव प्रयास कर रही है। चाहे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि हो या फिर पीएम फसल बीमा योजना, या समय समय पर फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी। सरकार का एक ही लक्ष्य है किसानों का जीवन खुशहाल हो। इसी क्रम में केंद्र सरकार ने एक नयी पहल शुरू की है जिससे बुजुर्ग किसानों का जीवन बेहतर होगा और उनकी मुश्किलें कम होंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने प्रधान किसान सम्मान निधि के दायरे में आने वाले वैसे सभी अन्नदाताओं को किसान मानधन योजना में शामिल करने की पहल की है। इस योजना के दायरे में 18 साल से लेकर 40 साल तक के सभी किसानों को शामिल किया गया है।
क्या है किसान मानधन योजना
किसान मानधन योजना के तहत किसानों को 60 साल की उम्र के बाद 3 हजार रूपए हरेक महीने वृद्धावस्था पेंशन दी जाएगी। निश्चित तौर पर यह राशि किसानों के बुढ़ापे का सहारा साबित होगी और हमारे अन्नदाताओं को सामाजिक सुरक्षा प्राप्त होगी। सरकार ने इसके लिए निवेश का प्रावधान किया है जिसके तहत छोटे निवेश के जरिए किसान पेंशन का हकदार बन जाएंगे। निवेश की रकम अलग-अलग उम्र के किसानों के लिए अलग-अलग होगी। किसानों को 55 रूपए से लेकर 200 रूपए तक मंथली निवेश का प्रावधान किया गया है। इतना ही नहीं इस योजना में फैमिली पेंशन का भी प्रावधान है। हालांकि ऐसे किसान जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के पात्र हैं और जिन्हें इसका लाभ मिल रहा है वैसे किसानों को किसी भी तरह के कागजी कार्रवाई की कोई जरूरत नहीं होगी।
आम के आम गुठलियों के दाम
किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को साल में 6 हजार रूपए दिए जाएंगे। जो कि किसानों के अकाउंट में तीन किस्तों में यानि 2-2 हजार करके पहुंचेगें। ये रकम किसानों के खाते में सीधा जारी की जाती है। इसके खाताधारक अगर पेशन किसान मानधन में भाग लेते है, तो उनका रजिस्ट्रेशन आसानी से हो जाएगा। साथ ही अगर किसान ये विकल्प चुनें तो पेंशन स्कीम में हर महीने कटने वाला हिस्सा भी इन्ही तीन किस्तों में मिलने वाली रकम से कट जाएगा। जिसके चलते किसानों को किसान मानधन योजना के लिए जेब से पैसे देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।