एमबीबीएस बॉन्ड पॉलिसी के बाद अपनी मर्जी से नौकरी नहीं कर पाएंगे मेडिकल के छात्र, जानिये क्या है यह स्कीम…

हरियाणा में एमबीबीएस बॉन्ड पॉलिसी पर विवाद होना शुरू हो गया है। सबसे पहले तो यह समझना जरुरी है कि आखिर यह डॉक्टरों के लिए सरकार की बनाई गई बांड पॉलिसी है क्या।

आपको बता दें कि हरियाणा में डॉक्टरों के लिए एक पॉलिसी बनाई गई है जिसके तहत एमबीबीएस डिग्री के बाद 7साल तक नौकरी सरकार ही कर्ज लेगी और सरकार ही भरेगी। विद्यार्थियों से केवल बांड भरवाया जा रहा है, इसे सरकार कैश नहीं करेगी। अगर कभी जरूरत हुई तो इस पर बाद में फैसला लिया जाएगा।

मतलब कि 7साल तक एमबीबीएस करने वालों को सरकारी नौकरी करनी अनिवार्य होगी। अगर कोई प्राइवेट नौकरी करना चाहता है तो उसे बांड की राशि भरनी पड़ेगी। ऐसे में सवाल यह है कि अगर कोई अपने निजी कार्य या अपने अस्पताल में कार्य करने के लिए एमबीबीएस की पढ़ाई करता है तो वो सात साल तक ऐसा नहीं कर पायेगा।

पॉलिसी को लेकर यह बोले सीएम मनोहर लाल

यहां पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री नेे कहा कि डॉक्टरी पेशा सेवा है और सरकार उसी को आगे बढ़ा रही है। जहां तक विरोध की बात है तो कुछ लोग इसे जानबूझकर समझना ही नहीं चाहते हैं। कुछ लोग विद्यार्थियों को उकसा रहे हैं। सरकारी मेडिकल कालेजों में तो 40लाख रुपये का बांड भरवाया जा रहा है, प्राइवेट मेडिकल कालेज में तो एक करोड़ रुपये तक फीस है।

बांड पॉलिसी को लेकर चल रहा है विरोध

बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में धरने पर बैठी खानपुर कलां के बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज की छात्राओं के समर्थन में रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने 48घंटे तक पेन डाउन हड़ताल करने का फैसला लिया है। एमबीबीएस की छात्राएं शुक्रवार सुबह 10से 12बजे तक दो घंटे पेन डाउन हड़ताल करेंगी।

पीजीआई की ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने किया विद्यार्थियों का समर्थन

पीजीआई की ज्वाइंट एक्शन कमेटी एमबीबीएस विद्यार्थियों के समर्थन उतर आई है। इसमें हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन, यूएचएस गैर शिक्षक कर्मचारी संघ व नर्सिंग एसोसिएशन शामिल है। इन तीनों संगठनों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी के करीब 50 से ज्यादा सदस्यों ने गुरुवार दोपहर बाद विवि प्रशासन के साथ बैठक की और पॉलिसी पर सवाल उठाये हैं।

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