संतोष कुमार सिंह
नयी दिल्ली: विगत दो वर्षों से कोरोना संकट के कारण छठ घाट पर छठ न मनाकर घर के पास ही छठ मनाने को विवश पूरबियों के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना द्वारा इस वर्ष छठ घाट पर छठ मनाने की ईजाजत से निश्चित तौर पर पूरबियों में खुशी की लहर थी। महिलाएं उत्साहित थीं कि इस वर्ष वे यमुना घाट पर जाकर छठ मना सकेंगी। लेकिन यमुना नदी में जहरीले झाग की जो तस्वीर सामने आई है उसे लेकर श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ गई है।
क्या है मामला
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बुधवार को छठ घाट पर छठ मनाने की अनुमति देते हुए अरविंद केजरीवाल सरकार को निर्देश दिया कि वो दिल्ली के उन घाटों की साफ.सफाई करवाएं जहां छठ पूजा होना है। राज्यपाल से अनुमति मिलने के बाद केजरीवाल सरकार ने घाटों की साफ-सफाई का काम पूरे जोर शोर से शुरू कर दिया। पूरी दिल्ली में करीब 1100 स्थानों पर छठ पर्व मनाया जाने की तैयारियां सरकारी स्तर पर की जाने लगी जहां साफ.सफाई का काम किया जाना है और लाइट लगाई जानी है। न सिर्फ दिल्ली सरकार बल्कि भाजपा शासित नगर निगम ने भी लाईट लगाने का काम शुरू कर दिया और इसके लिए प्रति वार्ड 40,000 रुपये आवंटित भी कर दी गई।
यमुना में झाग, तस्वीर से आहत
इससे पहले के सालों में कोरोना महामारी के कारण छठ पर्व फीका रहा था। लेकिन इस वर्ष श्रद्धालु उत्साहित थे कि उन्हें छठ घाट पर पूजा करने का अवसर मिलेगा। लेकिन छठ पर्व से पहले अब जो तस्वीरें सामने आ रही हैं वह श्रद्धालुओं के लिए निश्चित तौर पर डराने वाली है क्योंकि जगह-जगह यमुना नदी में जहरीला झाग तैरते हुए नजर आ रहे हैं और ऐसी स्थिति में यमुना में सूर्य को अर्घ देना श्रद्धालुओं के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
राज्यपाल ने दिये हैं साफ सफाई के निर्देश
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने केजरीवाल सरकार से छठ पर्व पर श्रद्धालुओं के लिए साफ घाट और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। वहीं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का भी सख्ती से पालन करने के लिए कहा है। राजस्व और पर्यावरण विभाग को भी आदेश दिया गया है कि यमुना में होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए एनजीटी द्वारा जारी सभी आदेश को सख्ती से लागू किया जाए। साथ ही यह गाइडलाइन भी जारी की गई है कि सरकार के द्वारा बनाए गए घाटों पर ही श्रद्धालु छठ त्योहार मना सकेंगे। इतना ही नहीं अधिकारियों को ये सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी तरह की पूजा की सामग्री या अनाज यमुना नदी में प्रवाहित न होने पाए। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी कहा है कि यमुना में गंदगी को लेकर नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर 5 से 50 हजार रुपए तक का चालान काटा जा सकता है।
लेकिन इस बीच जो तस्वीरें सामने आई हैं उसको लेकर चिंता श्रद्धालुओं में हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि 28 अक्टूबर से छठ त्योहार शुरू हो जाएगा । यदि साफ सफाई नहीं रहती है और पानी गंदा होता है तो ऐसे में गंदे पानी में नहाने से खुजली होती है। यही कारण है कि श्रद्धालु सरकार की तरफ यमुना में साफ पानी की व्यवस्था करने के लिहाज से उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं।