छोटी सरकार के नाम पर शराब के अड्डे बने हरियाणा के ज्यादातर गांव

सुबह-सुबह चाहे 5 या 6 बजे हो नींद भी आजकल चुनाव के भोंपू की आवाज सुनकर ही खुलती है। और शाम को नींद शराबियों के जमावड़े की आवाज सुनकर आती है। मैं बात कर रहा खंड कनीना वार्ड नंबर 8 के एक छोटे से गांव नांगल मोहनपुर की, जिसमे 1614 वोटर है 875 पुरुष और 739 महिलायें है। जिला पार्षद हो या ब्लॉक समिति जिसमे दो-दो उम्मीदवार है। कड़ाके की टक्कर है। देखते है कौन जीतता है। लेकिन सरपंच पद के लिए 6 उम्मीदवार है। ज्यादातर ग्रामीणों का कहना है, की ये चुनाव सरपंच का नहीं बल्कि भाईचारा ख़राब करने का चुनाव है। और ये एक गांव नहीं बल्कि उन सभी गाँवो की कहानी है जहां-जहां पंचायत चुनाव होना है। हरियाणा में पंच, सरपंच, ब्लॉक समिति अध्यक्ष, और जिला पार्षद के चुनाव होने हैं। जिसके लिए उम्मीदवारों ने अपने तन, मन और धन से पूरी जी-जान लगाई हुई है। मानों ऐसा लग रहा है की ये चुनाव किसी पद के लिए नहीं बल्कि जीवन की लड़ाई चल रही है। जहां भी जाते है अपनी भीड़ साथ लेकर जाते हैं ताकि गांव वाले उनकी तरफ आकर्षित हो। अपनी-अपनी शान बनाने के चक्करों में पैसा पानी की तरह बहा रहे है।

शराबियों की मौज आयी हुई है शाम के समय किसी भी गांव में जाकर देखने को मिलता है किसी व्यक्ति की चाल डगमगा रही होती है, तो कोई किसी चबूतरे या किसी गलियों में गिरा रहता है जिससे उनके घरवाले भी परेशान होते है।

युवाओं में भी चुनावों का काफी जोश देखने को मिला। किसी को किसी से कोई मतलब नहीं। फिर भी सारा दिन अपना काम काज छोड़कर उम्मीदवारों के पीछे घूमते रहते है। सिर्फ एक ही मकसद अच्छा खाना, पीना, घूमना और मौज करनी। काफी युवाओ की सोच सुनने को मिली, की अब तो इनसे जितना निकलवाना है निकलवा लो, बाद में तो इनसे कुछ मिलना नहीं। जिसको लेकर वो लोग गावों में तरह तरह के टूर्नामेंट करवा रहे है और उम्मीदवारों को बुलाकर उनसे ईनाम की राशि बटवा रहे है। उम्मीदवारों को भी आना पड़ रहा है क्योकि आज के चुनाव में युवाओं की अपनी एक अलग ही भूमिका होती है।

आज के दिन गांवों में अगर कोई मासूम है तो वो है महिलाएं जो सारा दिन अपने घर के काम काज में ही वयस्त रहती है। क्योकि ना घर में कोई सुनने वाला रहता और ना घर में कोई सुनाने वाला रहता। घर से बाहर के कार्य के लिए आते-जाते लोगों का मुँह ताकती रहती है की कोई आएगा तब यह काम होगा। और जब घर के लोग घर में आते है तो शराब के नशे में रहते है जो ना कुछ कहने लायक या ना कोई सुनने लायक।

हरियाणा के 10 जिलों में भिवानी, यमुनानगर, फतेहाबाद, पानीपत, झज्जर, नूंह, कैथल, जींद, महेंद्रगढ़, पंचकूला में कराएं जाएंगे । जो कि दो चरणों में होगें। 30 अक्टूबर को पहले चरण के चुनाव कराए जाएंगे। जिसमें जिला परिषद और ब्लॉक समिति के चुनाव शामिल है। वहीं 2 नवंबर को दूसरे चरण में पंच और सरपंच के चुनाव कराए जाएंगे।

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