शशि थरूर को हरा मल्लिकार्जुन खड़गे बने कांग्रेस अध्यक्ष

संतोष कुमार सिंह

नयी दिल्ली: कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिल गया है। आप कह सकते हैं कि गैर गांधी नेहरू परिवार के होने के बावजूद अध्यक्ष बने हैं मल्लिकार्जुन खड़गे। ऐसा पिछले 24 साल में पहली बार हुआ है जब गांधी परिवार के बाहर का कोई नेता अध्यक्ष पद तक पहुंचा है। इससे पहले सीताराम केसरी ऐसे अध्यक्ष थे, जो गांधी परिवार से नहीं थे। तो स्वाभाविक है बधाईयों का सिलसिला शुरू हो। जश्न का माहौल हो और ये सब हो भी हो रहा है। कांग्रेस मुख्यालय के बाहर खड़गे की जीत का जश्न शुरू हो चुका है। खड़गे के समर्थक ढोल नगाड़ों के साथ उनकी जीत को जश्न मना रहे हैं। वहीं कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर जा रहे हैं, उन्हें बधाईयां दे रहे हैं और बधाई देने वाले इन नेताओं में शशि थरूर भी शामिल हैं जिन्हें आमनेसामने की लड़ाई में हराकर मल्लिकार्जुन खड़गे ने जीत हासिल की है और ये जीत कोई मामूली नही है बल्कि आप इसे बड़ी जीत कह सकते हैं। थरूर ने ट्वीट करते हुए कहा कि ये काफी सम्मान और बड़ी जिम्मेदारी की बात है। मैं खड़गे जी के लिए उनके इस काम में सफलता की कामना करता हूं।

It is a great honour & a huge responsibility to be President of @INCIndia &I wish @Kharge ji all success in that task. It was a privilege to have received the support of over a thousand colleagues,& to carry the hopes& aspirations of so many well-wishers of Congress across India. pic.twitter.com/NistXfQGN1
Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) October 19, 2022

अध्यक्ष के चुनाव में कुल 9497 वोट पड़े थे। कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में पड़े वोटों की गिनती में एक तरफ जहां खड़गे को 7897 वोट मिले तो शशि को 1072 वोट हासिल हुए। 416 वोट खारिज हो गए।जाहिर है और नतीजे भी ये बता रहे हैं कि खड़गे को कांग्रेस के तमाम नेताओं का समर्थन मिला। राजनीतिक पंडित पहले से भी ​मल्लिकार्जुन खड़गे के जीत के प्रति आश्वस्त थे और शशि थरूर के हार को लेकर उनके मन में शायद ही कोई शंका रही हो। बावजूद इसके राजनीतिक पंडित और कांग्रेसी दोनो इसे सबसे पुरानी पार्टी में लोकतांत्रिक परंपरा की वापसी और परिवार से बाहर किसी व्यक्ति का अध्यक्ष चुने जाने को लेकर उत्साह भी नजर आता है।

चुनाव नतीजों और कांग्रेस के भविष्य की संभावना को लेकर आगे भी चर्चा जारी रहेगी लेकिन आज इस पड़ाव पर ठहरकर मल्लिकार्जुन खड़गे के अब तक के राजनीतिक सफर को टटोलते हैं। कनार्टक के बीदर इलाके से आने वाले मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के सबसे सीनियर नेताओं में से एक हैं। उनकी उम्र 80 साल है। उन्होंने बीए और एलएलबी की पढ़ाई की है और पेशे से वकील भी रह चुके हैं और कई दशकों से वो सक्रिय राजनीति में हैं। वे सबसे पहले 1969 में कर्नाटक के गुलबर्ग सिटी कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे।. इसके बाद 1972 में पहली बार चुनकर विधानसभा गए। तब से लेकर 2009 तक वो कुल 9 बार विधायक रहे। 1976 में वो पहली बार कर्नाटक में कैबिनेट मंत्री बने। खड़गे को 1988 में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। 2005 में वो कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने। कांग्रेस के राष्ट्रीय राजनीति में भी खड़गे की अहम भूमिका रही है और उन्हें गांधी परिवार का बेहद करीबी माना जाता है।

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