नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर विपक्षी पार्टियां ने सत्तारूढ़ बीजेपी पर धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाया है। इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारतीय मूल्यों में सभी धर्मों को बराबर माना जाता है और यही वजह है कि हमारा देश धर्मनिरपेक्ष है और यह पाकिस्तान की तरह धर्मशासित देश कभी नहीं बना।
वहीं राजनाथ सिंह के बयान पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवेसी ने ट्वीट कर कहा कि आपकी सरकार भारत को धर्मशासित देश बनाना चाहती है। उन्होंने CAA का भी जिक्र किया।
Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) January 22, 2020
बता दें कि दिल्ली में एनसीसी के गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित शिविर में रक्षा मंत्री ने कहा, हम (भारत) कहते हैं कि हम धर्मों के बीच भेदभाव नहीं करेंगे। तो हम ऐसा क्यों करेंगे? हमारा पड़ोसी देश तो यह एलान कर चुका है कि उनका एक धर्म है। उन्होंने खुद को धर्मशासित देश घोषित किया है। हमने ऐसी घोषणा नहीं की है।
राजनाथ सिंह ने आगे कहा, यहां तक कि अमेरिका भी धर्मशासित देश है। भारत एक धर्मशासित देश नहीं है क्यों? क्योंकि हमारे साधु-संतों ने न केवल हमारी सीमाओं के भीतर रहने वाले लोगों को अपने परिवार का हिस्सा माना बल्कि पूरी दुनिया में रहने वाले लोगों को उन्होंने एक परिवार बताया।
राजनाथ सिंह कहते है, भारत ने कभी भी यह घोषणा नहीं की कि उसका धर्म हिंदू, सिख या बौद्ध होगा। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोग यहां रह सकते हैं। उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम की उक्ति दी जिसका मतलब है कि पूरा विश्व एक परिवार है, पूरे विश्व में यह संदेश यहां से ही गया।