दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कहा कि हमलोगों को रोजमर्रा के काम के आगे देश याद नही रहता है. हमें देश की याद तब आती है जब भारत-पाकिस्तान का मैच होता है. स्कूलों में बच्चों को सभी विषय पढ़ाये जाते है, लेकिन देश भक्ति का जज्बा नहीं पढ़ाया जाता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी स्कूलों में देश भक्ति का पाठ्यक्रम होगा.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने महिलाओं के लिए फ्री यात्रा का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 29अक्टूबर से दिल्ली की सभी डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की व्यवस्था शुरू की जाएगी. मुफ्त मेट्रो यात्रा की भी तैयारियां की जा रही हैं.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आजादी के 72साल बाद हम कल्पना भी नहीं कर सकते कि कितने बलिदान दिए गए हैं. बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने लंबा संघर्ष किया है. ऐसे में हमें रोजमर्रा के दिनों में देश याद नहीं रहता. देश की याद तब आती है जब भारत और पाकिस्तान के बीच मैच खेला जा रहा होता है.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने भाषण में दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि, दिल्ली में शिक्षा क्रांति हुई है. यह अपने आप में ऐतिहासिक है. दिल्ली में 3चीजें हासिल की गई हैं. सरकारी स्कूलों का इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट स्कूलों से बेहतर है. क्लास रूम, स्विमिंग पूल और प्ले ग्राउंड सरकारी स्कूलों में भी बनाए गए हैं. सरकारी स्कूलों के नतीजे प्राइवेट स्कूलों से बेहतर आए हैं. शिक्षा में लोगों का विश्वास पैदा हुआ है. विद्यार्थी भी आत्मविश्वास से लबरेज हैं.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हैप्पीनेस करिकुलम बढ़ा है. सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के मां-बाप शिक्षा व्यवस्था पर गर्व करते हैं. लोग परिवर्तनों को देख रहे हैं. देश भक्ति का जज्बा हमें बच्चों में भरना है. देशभक्ति पाठ्यक्र में लक्ष्यों में बच्चों को देशभक्ति भी सिखाना है. उन्हें देश पर गर्व करना सिखाना है. देश की ऑनरशिप बच्चों को सौंपनी है. देश और परिवार के बीच हमें देश को तरजीह देनी चाहिए. अगले साल से यह पाठ्यक्रम सिखाया जाएगा.