जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटने के बाद का ये पहला स्वतंत्रता दिवस है, जो बहुत धूम-धाम से मनाया जा रहा है. श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में राज्यपाल सत्यपाल मलिक तिरंगा फहराए है. इस दौरान सत्यपाल ने कहा कि सुरक्षा बलों की सख्ती के कारण घाटी में आतंकियों ने हार मान ली है. पत्थरबाजी और आतंकी संगठनों में भर्ती में कमी आई है.
जम्मू-कश्मीर में सत्यपाल मलिक ने शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में बोलते हुए कहा कि, मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों से यह कहना चाहता हूं कि आपकी पहचान बिल्कुल भी खतरे में नहीं है. इससे कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है भारत का संविधान हर राज्य के स्थानीयता को फलने-फूलने का मौका देता है.
उन्होंने यह भी कहा की, केंद्र सरकार की ओर से किया गया अनुच्छेद 370में बदलाव एक ऐतिहासिक फैसला है. जम्मू-कश्मीर के लोगो के हित के लिए लिया गया फैसला है, इसे यहाँ के स्थानीय लोगो को विकाश में भी मदद मिलेगी.
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा, केंद्र सरकार की ओर से किए गए बदलावों की वजह से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास के और भी नय-नय अवसर खुलेंगे. इससे जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यस्था को बल मिलगा. यहां गुड गवर्नेंस को बढ़ावा मिलेगा, राज्य में नौकरियां बढ़ेंगी, देश के हर हिस्से से जम्मू-कश्मीर के लोग जुड़ाव और अपनापन महसूस करेंगे.
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा, जम्मू और कश्मीर की पारंपरिक संस्कृति, सिद्धांत और भाषाओं को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी. कश्मीरी, डोगरी, गोजरी, पहाड़ी, बाल्टी, शीना और अन्य भाषाओं का विकास अलग तरह से होगा. राज्य की हर जाति और जनजाति को राजनीति में भागीदारी का अवसर मिलेगा.
73वें स्वतंत्रता दिवस पर जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में ध्वाजारोहण किया. इस दौरान उन्होंने परेड में हिस्सा भी लिया राज्यपाल के संबोधन के दौरान कश्मीर भारी संख्या में लोग मौजूद रहे.