बिहार के शहर नालंदा में गरीबी का दर्दनाक चेहरा नज़र आया है. टीबी ग्रस्त एक गरीब महिला अपने इलाज के लिए अपने ही दो मासूमों को बेचने पर मजबूर थी क्योकि इलाज के लिए उसके पास धन नहीं था और उसका पति उसको छोड़कर भाग गया है. महिला को अभी नालंदा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.लेकिन अभी तक उसे किसी सरकारी की तरफ से किसी प्रकार की मदद मुहैया कराए जाने की कोई खबर सामने नहीं आई है.
नालंदा के एक अस्पताल में ट्यूबरक्लोसिस से ग्रस्त महिला अपने दो बच्चों को बेचना चाहती थी. इस मामले की सूचना मिलने के बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जो अपने दो बच्चों को बेचना चाहती थी. गरीबी से बेहाल और बीमारी से जूझ रही महिला का कहना है कि उसे अभी तक किसी से कोई सहायता नहीं मिली है.
बीमार महिला ने बताया, मुझे कहीं से कोई सहायता नहीं मिली है. मुझे ये भी नहीं पता कि मैं कब मर जाऊं. इसलिए अपने दोनों बच्चों को उन लोगों को दे देना चाहती थी जो मजे रूपये दे सके.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार जिस अस्पताल में महिला भर्ती है, उस अस्पताल के मैनेजर सुरजीत कुमार ने कहा कि जैसे ही मुझे इसकी सुचना मिली मैंने महिला को अस्पताल में भर्ती कराया. उसके दोनों बच्चे भी कुपोषण के शिकार हैं और उनका भी अस्पताल में इलाज चल रहा है. मां के साथ उसकी दोनों बेटियों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और तीनों का इलाज चल रहा है. अस्पताल के मैनेजर ने जानकरी दी कि महिला बहुत गरीब है और उसका पति उसे छोड़कर भाग गया है.