बिहार में आई बाढ़ से मचे हाहाकार के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सदन में सरकार की तरफ से जवाब दिया. सीएम ने बताया कि बिहार में अब तक बाढ़ के कारण 25 लोगों की मौत हो गई है. बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत कार्य चलाया जा रहा है. हम हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. इस आपदा की घड़ी में सबको साथ मिलकर पीड़ितों को राहत पहुंचाने की जरूरत है.
सीएम ने बाढ़ की ताजा स्थिति से सदन को अवगत कराते हुए कहा कि 12 जिलों के 78 ब्लॉक के कुल 555 पंचायत के 25.71 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ पीड़ितों के लिए 199 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं जिनमें 1.16 लाख लोग रह रहे हैं। जरूरत पड़ने पर और भी राहत शिविर खोले जाएंगे. इनके लिए 676 सामुदायिक रसोई चल रही है.उन्होंने कहा बाढ़ से पीड़ित हर परिवार को छह हजार रुपये की राशि दी जाएगी, जो डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक के खाते में चली जाएगी. राहत, बचाव कार्य को लेकर अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं. सीएम ने बताया कि 125 मोटरबोट के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 25 टीमें लगातार बचाव का काम कर रही हैं.
सीएम ने बताया कि पथ निर्माण विभाग को सड़कों की मरम्मत का निर्देश दिया गया है. बाढ़ का पानी कम होने पर जल्द सड़क बनाने का निर्देश दिया गया है. कोसी नदी में 15 साल का सबसे ज्यादा जलस्तर देखा गया है. सीएम ने कहा कि बाढ़ के साथ ही सुखाड़ को लेकर भी सरकार अलर्ट है. बाढ प्रभावित जिलों का मैंने खुद दो दिन हवाई सर्वेक्षण किया है.