गार्टनर की हालिया स्टडी के मुताबिक, वर्ष 2019के पहले तिमाही में दुनिया भर में स्मार्टफोन की बिक्री 2.7प्रतिशत कम हुई है। बता दें, एक तरफ जहां सबसे ज्यादा स्मार्टफोन की विक्री करने वाले देश अमेरिका और चीन में स्मार्टफोन की बिक्री क्रमशः 15.8 और 3.2 फीसदी कम हुई है तो वहीं, जापान की मोबाइल निर्माता कंपनी Samsung दुनिया भर में स्मार्टफोन बेचने के मामले में सैमसंग नंबर 1पर रही है।
वहीं, अमेरिकी पाबंदी के बावजूद चीन की कंपनी हुवावे (Huawei) दूसरे नंबर पर रही। चीन में हुवावे के स्मार्टफोन की शानदार सेल्स के कारण नंबर 1और दूसरे नंबर के बीच अंतर भी घटा है। सैमसंग ने इस साल की पहली तिमाही में दुनिया भर में 71.6मिलियन मोबाइल फोन बेचे हैं।
अमेरिकी पाबंदी के बाद भी हुवावे का शानदार परफॉर्मेंस
अमेरिका में लगी पाबंदी के बाद भी हुवावे का परफॉर्मेंस शानदार रहा है। दुनिया की टॉप 5कंपनियों (सैमसंग, हुवावे, ऐपल, ओप्पो और वीवो) में हुवावे ने सालाना आधार पर सबसे ऊंची ग्रोथ हासिल की है। गार्टनर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की पहली तिमाही में हुवावे ने दुनिया भर में 58.4मिलियन स्मार्टफोन बेचे हैं।
2019की पहली तिमाही में ग्लोबल मार्केट में सैमसंग की बाजार हिस्सेदारी 19.2फीसदी रही है। वहीं, हुवावे और ऐपल की बाजार हिस्सेदारी क्रमशः 15.7फीसदी और 11.9फीसदी रही है। ऐपल ने 2019के पहले तीन महीने में 44.56मिलियन स्मार्टफोन बेचे हैं।
अगर ओप्पो और वीवो के मार्केट शेयर की बात करें तो 2019की पहली तिमाही में ओप्पो की बाजार हिस्सेदारी 7.9फीसदी रही है। गार्टनर की रिपोर्ट के मुताबिक, वीवो का मार्केट शेयर 7.3फीसदी रहा है। ओप्पो और वीवो ने इस अवधि के दौरान क्रमशः 29.6मिलियन और 27.36मिलियन स्मार्टफोन बेचे हैं।
वहीं, बाकी की मोबाइल कंपनियों की ग्लोबल मार्केट में संयुक्त हिस्सेदारी 37.9फीसदी रही है। बाकी की मोबाइल कंपनियों ने मिलकर 141.40मिलियन स्मार्टफोन 2019की पहली तिमाही में बेचे। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019की पहली तिमाही में ऐपल के स्मार्टफोन की टोटल सेल्स 15.8फीसदी घटी है।
गार्टनर के सीनियर रिसर्च डायरेक्टर अंशुल गुप्ता ने कहा है, बेसिक स्मार्टफोन के मुकाबले प्रीमियम स्मार्टफोन की डिमांड कमजोर रही, जिससे सैमसंग और ऐपल जैसे ब्रैंड्स पर असर पड़ा। इन ब्रैंड्स की हाई-इंड स्मार्टफोन में ठीक-ठाक हिस्सेदारी है। ऐपल ने कई मार्केट्स में अपने iPhones के दाम घटाए हैं, लेकिन यह कदम डिमांड और सेल्स को मजबूती नहीं दे पाया है।