भारत ने अंतरिक्ष में रचा बड़ा इतिहास, पीएम मोदी ने दी बधाई

नई दिल्ली: भारतीय वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर लिया है। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “बेंगलुरु की व्यस्त स्टार्टअप गलियों में गैलेक्सआई की एक युवा टीम दिन-रात मेहनत कर रही थी। उनका सपना था मिशन दृष्टि– दुनिया का पहला ऑप्टोएसएआर उपग्रह बनाना। यह उपग्रह ऑप्टिकल और सिंथेटिक एपर्चर रडार इमेजिंग को मिलाकर बादलों, अंधेरे और छिपे हुए लक्ष्यों को भी साफ-साफ देख सकेगा।”

यह उपग्रह आपदा प्रबंधन, कृषि, रक्षा और जलवायु निगरानी में यह क्रांति लाने वाला है। यह भारत का निजी क्षेत्र द्वारा निर्मित सबसे बड़ा उपग्रह भी था। संस्थापक- आईआईटी के युवा इंजीनियर -असफल प्रोटोटाइप, तंग बजट और थकान के बावजूद हार नहीं माने। अंततः श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च का दिन आ गया।

आसमान में रॉकेट ने भाटी गर्जना

रॉकेट आसमान की ओर गर्जना करता हुआ उड़ा। कंट्रोल रूम में सन्नाटा छा गया। हर आँख स्क्रीन पर टिकी थी। “स्टेज सेपरेशन सफल… ऑर्बिट इंसर्शन पूरा,” आवाज आई। फिर खुशी भरा ऐलान -“सैटेलाइट हेल्दी है। मिशन दृष्टि सफल!”

देश भर में जश्न

पूरे देश में जश्न छा गया। यह मात्र एक उपग्रह नहीं, भारतीय युवाओं की नवाचार की भावना और राष्ट्र-निर्माण का प्रतीक था।

PM मोदी ने सराहा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने तुरंत इस उपलब्धि को सराहा। उन्होंने ट्वीट किया: “मिशन दृष्टि by GalaxEye हमारी स्पेस यात्रा में एक प्रमुख उपलब्धि है। दुनिया के पहले ऑप्टोएसएआर उपग्रह और भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के उपग्रह का सफल प्रक्षेपण हमारे युवाओं की नवाचार और राष्ट्र-निर्माण की लगन का प्रमाण है। संस्थापकों और गैलेक्सआई की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।” इस संदेश ने पूरी टीम को भावुक कर दिया। छोटे से ऑफिस में आँसू और गले मिलने का सिलसिला चल पड़ा। वे महसूस कर रहे थे कि उनका सपना अब देश का गौरव बन गया है।

दृष्टि ने भेजी पृथ्वी की पहली तस्वीर

जब दृष्टि ने पृथ्वी की पहली स्पष्ट तस्वीरें भेजनी शुरू कीं, तो भारत के स्पेस इतिहास में नया अध्याय लिखा गया। अब आसमान सीमा नहीं, बल्कि नए सपनों की शुरुआत था।आत्मनिर्भर भारत के युवा सितारों को छू रहे थे।

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