नई दिल्ली ( एजेंसी ) : उत्तरी कर्नाटक के विजयपुर ज़िले में एक ख़ास तरह की शादी हुई, जिसमें दुल्हन ने दूल्हे के गले में मंगलसूत्र पहनाया। अमित बारागुंडी और प्रिया एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और ऑस्ट्रेलिया में एक आईटी कंपनी के लिए काम करते हैं। दोनों की मुलाक़ात सॉफ्टवेयर कंपनी में ही हुई थी,और फिर दोनों को प्यार हो गया। बात आगे बढ़ी और दोनों के माता-पिता भी रिश्ते के लिए राज़ी हो गए।
अमित कहते हैं, हां, मैं हमेशा इसे पहनूंगा. ये पूरे रीति-रिवाज़ यही दिखाते हैं कि महिला और पुरुष बराबर हैं. मुझे नहीं लगता कि विवाहमुद्रा से पुरुष पर कोई नैतिक दवाब पड़ता है, क्योंकि सब कुछ महिला और पुरुष दोनों की आपसी समझ पर निर्भर करता है.
वहीं प्रिया ने कहा कि. ये वाकई में अद्भुत अनुभव है. मेरे ससुरालवालों ने ये साबित कर दिया है कि महिला और पुरुष समान हैं. पहले जब मैंने सुना कि दूल्हे को मंगलसूत्र पहनाया जाएगा तो मुझे भी आश्चर्य हुआ था।
इस शादी में एक और ख़ास बात ये थी कि इसमें कोई हवन नहीं हुआ, कोई आग नहीं थी जिसके चारों ओर दूल्हा-दुल्हन फेरे लेते हैं।और इसके लिए किसी ज्योतिष से पूछ कर या पंचाग देख कर कोई शुभ महूर्त भी नहीं निकाला गया।
बताते चले कि शादी में जिन रस्मों का पालन किया है वो भगवान बासवन्ना को मानने वाले लिंगायतों में मान्य हैं। बॉम्बे- कर्नाटक और हैदराबाद-कर्नाटक के इलाके में बसे लिंगायत समुगदा से जुड़े लोगों में ये आम रस्में हैं।