झारखंड उच्च न्यायालय झाविमो के छह विधायकों के दलबदल के मामले को उचित ठहराने वाले विधानसभाध्यक्ष के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर अब 25 मार्च को सुनवाई करेगा।
विधानसभाध्यक्ष के आदेश को झारखंड विकास मोर्चा के नेता बाबूलाल मरांडी और प्रदीप यादव ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। शुक्रवार को यह मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन समयाभाव के कारण इस पर सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद न्यायालय ने 25 मार्च को सुनवाई की तिथि निर्धारित की।
बाबूलाल मरांडी और प्रदीप यादव ने झाविमो के विधायक नवीन जायसवाल, गणेश गंझू, अमर बाउरी, रणधीर सिंह, आलोक चैरसिया और जानकी प्रसाद के भाजपा में
शामिल होने पर विधानसभा से उनकी सदस्यता समाप्त करने के लिए विधानसभाध्यक्ष के पास याचिका दायर की थी। इन विधायकों का कहना था कि झाविमो का भाजपा में विलय हो गया है। इस कारण मरांडी और प्रदीप यादव का दावा वैध नहीं है।
विधानसभाध्यक्ष ने झाविमो के भाजपा में विलय को सही बताते हुए बाबूलाल
मरांडी और प्रदीप यादव की याचिका हाल में खारिज कर दी। इसी आदेश को दोनोंने उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
(भाषा)