जब भी आप नया स्मार्टफोन खरिदते हैं तो उसे चलाने के लिए आपको एक Google Account बनाना होता है. वह गुगल एकाउंट आपका पुराना Gmail accout (email id ) भी हो सकता है. जिसे डालने के बाद आप अपने फ़ोन के सभी फ़ीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं. यानि गुगल प्लेस्टोर से अपने पसंद के सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर सकते हैं या ट्रू-कॉलर पर आईडी बनाते वक़्त भी आप इमेल अकाउंट डाल देते हैं.
जिससे आपका इमेल अकाउंट सार्वजनिक हो जाता है.लेकिन, क्या आपको पता है कि आपके इमेल अकाउंट का इस्तेमाल करके हैकर्स आपके बैंक खातों पर डाका डाल सकते हैं. इसके लिए हैकर्स आपको फर्जी मेल भेजते है. जिसे तकनीकी दुनिया में फिशिंग के नाम से जाना जाता है. दरअसल, फिशिंग एक फ्रॉड इमेल है, जिसकी मदद से आपसे पर्सनल डाटा मंगाए जाते हैं.
यह देखने में असली जैसा ही लगता है. हैकर फिशिंग ईमेल के जरिये आपको यह भरोसा दिलाने की कोशिश करता है कि वह आपके फायदे के लिए बैंक एकाउंट की जानकारी या अन्य आंकड़े मंगा रहा है. मसलन, आपके बैंक की तरफ से एक ईमेल आता है जिसमें कहा जाता है कि आपका डेबिट कार्ड रद्द हो गया है और कार्ड नंबर या आधार नंबर बताने पर ही आपको नया कार्ड जारी किया जायेगा.
आपको लग सकता है कि बैंक ने ही यह जानकारी आपसे मांगी है, लेकिन यह हैकर हो सकता है.फिशिंग ईमेल में एक लिंक होता है जिस पर आपको क्लिक कर नकली वेब पेज पर ले जाया जाता है. अगर आप उनके झांसे में आ गए तो आप वहां अपने एकाउंट की जानकारी दर्ज कर देते हैं और यह हैकर के सर्वर में चला जाता है. इसके बाद हैकर इन जानकारियों का इस्तेमाल कर आपके बैंक खाते या क्रेडिट कार्ड से रकम उड़ा सकता है.
दूसरा तरीका यह है कि आपको ईमेल में एक अटैच मेंट भेजा जाता है, जिसे डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है. जैसे ही आप इसे डाउनलोड करते हैं, और खोलते हैं, आपके सिस्टम में एक मेल वेयर इंस्टाल हो जाता है. जिससे वह आपके खाते को एक्सेस कर सकता है.
कैसे रहें सुरक्षित
1.डोमेन नाम या ईमेल एड्रेस में स्पेलिंग की गलतियों पर ध्यान दें. सायबर क्रिमिनल आम तौर पर उस तरह का ईमेल यूज करते हैं जो नामी कंपनियों का हो, बस वे उसमें थोडा सा हेर-फेर कर देते हैं, जिससे कि वह वास्तविक लगे.
2.किसी भी ऐसे लिंक पर क्लिक करने से पहले दो बार सोचें. अगर कोई संदिग्ध ईमेल दिखे तो उस पर क्लिक ना करें.
3.सायबर क्रिमिनल्स आम तौर पर आपको सुरक्षा के खतरे की धमकी देते हैं. ऐसे झांसे में ना आयें. स्थिति पर अपना दिमाग लगायें और तुरंत किसी जानकार या पुलिस की मदद लें.